वार्ड 225, 226 और 227 से नगर निगम चुनाव लड़ रहे हैं महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के भाई, बहन और भाभी?, विपक्षी दलों का नामांकन खारिज, ये कैसा इलेक्शन?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 2, 2026 12:20 IST2026-01-02T12:18:50+5:302026-01-02T12:20:19+5:30
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के रिश्तेदार 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों में मैदान में हैं।

Maharashtra Assembly Speaker Rahul Narvekar
मुंबईः दक्षिण मुंबई के कोलाबा क्षेत्र में निर्वाचन अधिकारियों पर कुछ उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के अंतिम दिन उनके नामांकन पत्र स्वीकार करने से इनकार किए जाने के आरोपों के बाद महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने बृहस्पतिवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका के प्रमुख भूषण गगरानी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एक अधिकारी ने बताया कि यह मुद्दा कोलाबा निर्वाचन क्षेत्र के वार्ड संख्या 225, 226 और 227 से संबंधित है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के रिश्तेदार 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों में मैदान में हैं।
राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरी शिवलकर और भाभी हर्षिता शिवलकर वार्ड 225, 226 और 227 से नगर निगम चुनाव लड़ रहे हैं तथा तीनों ने मंगलवार को राहुल नार्वेकर की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। एसईसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी को कुछ उम्मीदवारों से शिकायतें मिली थीं,
जिनमें आरोप लगाया गया था कि तीनों वार्डों के निर्वाचन अधिकारियों ने नामांकन जमा करने के अंतिम दिन उनके नामांकन पत्र स्वीकार नहीं किए। शिकायतें मिलने और मीडिया में मचे बवाल को देखते हुए, आयोग ने गगरानी से रिपोर्ट मांगी है, जो महानगर में नगर निगम चुनावों के लिए चुनाव अधिकारी हैं।’’
ठाणे में शिवसेना नेता राजेंद्र साप्ते ने टिकट न मिलने पर किया विरोध मार्च
ठाणे के पूर्व उपमहापौर एवं शिवसेना नेता राजेंद्र साप्ते ने 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों के लिए टिकट न मिलने पर शहर में विरोध मार्च निकाला। साप्ते वार्ड संख्या 25 (कलवा) से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन सीट बंटवारे के समझौते के तहत यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास चले जाने के कारण उन्हें मौका नहीं मिला।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने ठाणे महानगर पालिका चुनाव के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किया है। शिंदे के मार्गदर्शक एवं अविभाजित शिवसेना के बेहद लोकप्रिय नेता रहे दिवंगत आनंद दिघे के कट्टर समर्थक साप्ते ने बृहस्पतिवार को कलवा से दिघे के स्मारक तक विरोध मार्च का नेतृत्व किया।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने अंतिम समय में कलवा सीट हासिल करने के लिए ‘‘ब्लैकमेलिंग’’ का हथकंडा अपनाया। साप्ते कलवा से लगातार चार बार निर्वाचित हो चुके हैं। चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 23 दिसंबर को शुरू हुई और 30 दिसंबर को समाप्त हुई।
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि दो जनवरी (शुक्रवार) है, जबकि उम्मीदवारों की अंतिम सूची तीन जनवरी को प्रकाशित की जाएगी। ठाणे महानगर पालिका सहित राज्य के 29 नगर निकायों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन होगी।