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रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया- जब जयललिता ने 2 साल तक नहीं दिया था मिलने का समय

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 10, 2019 18:33 IST

कांग्रेस और दूसरी पार्टियों पर तंज कसते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'किसी मुस्लिम परिवार को इस देश में नुकसान नहीं हुआ है लेकिन कुछ दलों का एजेंडा है कि मुसलमानों को पिछड़ा रखो।

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ठळक मुद्देपीयूष गोयल ने नागरिक संशोधन विधेयक को लेकर उठ रहे सवाल पर कहा कि इस बिल से केवल घुसपैठियों को डरने की जरूरत है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने साथ ही कहा कि पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को अधिकार नहीं मिला तो ऐसे में क्या भारत को उनकी चिंता नहीं करना चाहिए?

लोकमत पार्लियामेंट्री अवार्ड्स-2019 में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक किस्सा बता रहे थे। इसमें उस बारे में बताया जब तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया था। पीयूष ने आगे बताया कि उन्हें जयललिता ने पूरे 2 साल तक मिलने का अप्वाइटमेंट नहीं दिया था। पीयूष गोयल ने बताया कि ये बात तब की है जब वो विद्युत (बिजली) मंत्री हुआ करते थे। उस दौरान उनसे एक संगोष्ठी में किसी ने बिजली के बिल से जुड़ी अपनी समस्या बताई थी। इसी बात पर पीयूष ने कहा कि अरे भाई साहब आपकी पेमेंट कहां से दिलाउंगा। मैं 2 साल से अप्वाइमेंट मांग रहा हूं माननीय जयललिता जी तो 2 साल से मुझे ही अप्वाइमेंट नहीं दे रही हैं। एज अ सेंट्रल मिनिस्टर। मैंने कहा यूनियन मिनिस्टर को स्टेट चीफ मिनिस्टर टाइम ही न दे तो मैं आपकी पेमेंट कहां से लाऊं। 

हालांकि पीयूष गोयल ने बताया कि जब जयललिता दोबारा चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बनीं तो उन्होंने अप्वाइटमेंट मांगने के 5 मिनट के भीतर ही मिलने का समय दे दिया था। जहां दोनों के बीच बिजली से जुड़े मुद्दों पर काफी देर बातचीत हुयी थी। इसी कार्यक्रम में पियूष गोयल ने पत्रकारों के बारे में भी टिप्पणी की और कहा कि वो थोड़ा हंसी मजाक करते रहते हैं लेकिन ये अलग बात है कि आजकल पत्रकार हंसी मजाक की भी टिप्पणी को लेकर 4 दिन तक टीवी पे हेडलाइन बना देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि अब तो हंसी मजाक करने में भी डर लगता है। 

नागरिक संशोधन विधेयक (CAB) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवाल पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस पर ही धर्म के आधार पर देश के दो टुकड़े करने के आरोप लगाए हैं। नई दिल्ली में आयोजित लोकमत कॉनक्लेव में मंगलवार को गोयल ने कहा कि महात्मा गांधी बंटवारे के विरोध में थे लेकिन कांग्रेस ने एक व्यक्ति के स्वार्थ के लिए देश का बंटवारा किया। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोमवार को संसद में नागरिक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस को लेकर यही आरोप लगाए थे।

'CAB से शरणार्थियों को नहीं घुसपैठियों को डरने की जरूरत'पीयूष गोयल ने नागरिक संशोधन विधेयक को लेकर उठ रहे सवाल पर कहा कि इस बिल से केवल घुसपैठियों को डरने की जरूरत है। CAB से मुस्लिमों को बाहर रखने पर पीयूष गोयल ने कहा, 'अदनान सामी को क्या भारत ने वीजा नहीं दिया। उन पर पाकिस्तान में अत्याचार हो रहा था और ऐसे में जरूरत पड़ने पर भारत ने उन्हें अपने यहां नागरिकता दी।'

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने साथ ही कहा कि पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को अधिकार नहीं मिला तो ऐसे में क्या भारत को उनकी चिंता नहीं करना चाहिए? पूर्वोत्तर के गैर भारतीय कहां जाएंगे? इस सवाल पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा,  'एनआरसी सुप्रीम कोर्ट के निगरानी में हुआ है। जो फैसला कोर्ट करेगी, हम उसे फॉलो करेंगे। हम जब एनआरसी लाएंगे, तो सभी को मौका देंगे। एक के साथ भी अन्याय नहीं होगा। घुसपैठिए को नहीं रहने देंगे।'

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जो नागरिक होने के हकदार हैं, उन्हें जरूर मिलेगी और जो इस देश में रहने के हकदार नहीं वो भारत में नहीं रह पाएंगे। कांग्रेस और दूसरी पार्टियों पर तंज कसते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'किसी मुस्लिम परिवार को इस देश में नुकसान नहीं हुआ है लेकिन कुछ दलों का एजेंडा है कि मुसलमानों को पिछड़ा रखो। मोदी सरकार ने धर्म के आधार पर विकास योजनाएं नहीं चलाई, किसी से धर्म पूछकर गैस और शौचालय नहीं दिया।'

लोकमत के इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू हैं। विशिष्ट अतिथिगण गजेंद्र सिंह शेखावत (केंद्रीय जल शक्ति मंत्री), कांग्रेस नेता और लोकसभा सदस्य अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा सांसद और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, सुभाष सी. कश्यप (पूर्व महासचिव, लोकसभा) हैं। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर, एआईएमआईएम चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी और रेल मंत्री पीयूष गोयल स्पीकर हैं।

लोकमत मीडिया कंपनी/ ग्रुप हर साल एक पार्लियामेंट्री अवार्ड समारोह का आयोजन करवाता है। जिसका आयोजन पिछले कई सालों से किया जा रहा है। इस समारोह में लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों को राज्यसभा और लोकसभा में अपना अनुकरणीय योगदान देने के लिए सम्मानित किया जाता है।ये समारोह लोकसभा और राज्यसभा के श्रेष्ठ मेंबर्स को सम्मानित करने की एक पहल की है जो उनके इस बेहतरीन योगदान के लिए एक सराहना का प्रयास है। लोकमत पार्लियामेंट्री अवार्ड में चार लोकसभा और चार राज्यसभा के सदस्यों को सम्मानित किया जाता है।

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