रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर समझा?, विशेष जज विशाल गोगने ने कहा-सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर यादव परिवार ने जमीन पर किया कब्जा?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 9, 2026 12:42 IST2026-01-09T12:41:25+5:302026-01-09T12:42:14+5:30

सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके यादव परिवार ने रेलवे अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीन हासिल की।

Land-for-Jobs Scam Yadav family take over land using government job bargaining tool Special Judge Vishal Gogane asked | रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर समझा?, विशेष जज विशाल गोगने ने कहा-सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर यादव परिवार ने जमीन पर किया कब्जा?

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Highlightsरेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर के रूप में इस्तेमाल किया ताकि वह एक आपराधिक गतिविधि को अंजाम दे सकें।अदालत ने इस मामले में 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किये और रेलवे अधिकारियों समेत 52 लोगों को बरी कर दिया।सीबीआई ने मामले में आरोपी व्यक्तियों की स्थिति के बारे में एक सत्यापन रिपोर्ट पेश की थी।

नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में आरोप तय करने का शुक्रवार को आदेश दिया। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि यादव ने रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर के रूप में इस्तेमाल किया ताकि वह एक आपराधिक गतिविधि को अंजाम दे सकें, जिसमें सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके यादव परिवार ने रेलवे अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीन हासिल की।

अदालत ने इस मामले में 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किये और रेलवे अधिकारियों समेत 52 लोगों को बरी कर दिया। इससे पहले, सीबीआई ने मामले में आरोपी व्यक्तियों की स्थिति के बारे में एक सत्यापन रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कहा गया था कि उसके आरोप-पत्र में नामजद 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो गई है।

अदालत ने मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए 23 जनवरी की तारीख तय की है। जांच एजेंसी ने कथित घोटाले के सिलसिले में लालू यादव, उनकी पत्नी एवं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था।

आरोप है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य जोन में ग्रुप-डी श्रेणी में भर्तियां लालू यादव के रेल मंत्री रहते 2004 से 2009 के बीच की गईं। इसके बदले में भर्ती होने वाले लोगों ने राजद प्रमुख के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम पर जमीन के टुकड़े तोहफ़े में दिए या हस्तांतरित किये।

सीबीआई ने यह भी दावा किया कि ये नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करके की गईं और इन लेन-देन में बेनामी संपत्तियां शामिल थीं, जो आपराधिक कदाचार और साजिश के समकक्ष है। आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया है कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।

Web Title: Land-for-Jobs Scam Yadav family take over land using government job bargaining tool Special Judge Vishal Gogane asked

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