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कश्मीर: कड़वी सच्चाई! 5 वर्षों में 800 से ज्यादा धरे गए आतंकी और उनके चाहने वाले, फिर भी समर्थकों की गिनती कम नहीं

By सुरेश डुग्गर | Updated: September 13, 2019 16:00 IST

2015 से अब तक 800 से ज्यादा आतंकवादी और उनके समर्थकों को दबोचा जा चुका है लेकिन हालात बयां करते हैं कि युवाओं में दहशतगर्द बनने का भी आकर्षण कम नहीं हो रहा है।

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ठळक मुद्देउच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पांच वर्षों सेना और सुरक्षाबलों ने 847 आतंकियों और उनके समर्थकों को पकड़ा है।जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान कोई बड़ी वारदात करने की फिराक में है।

कश्मीर में पिछले पांच सालों मंें करीब 800 आतंकियों तथा उनके समर्थकों को जिन्दा पकड़ा गया है। बावजूद इसके सुरक्षाबलों की परेशानी यह है कि यह सिलसिला थम नहीं रहा है क्योंकि युवकों में आतंकी तथा आतंकियों का समर्थक बनने का आकर्षण कम नहीं हो पा रहा है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार वर्ष 2015 से अब तक सेना व सुरक्षाबलों ने 847 आतंकियों और उनके समर्थकों को पकड़ा है। पांच साल के दौरान जम्मू कश्मीर में 26 आतंकियों ने आत्मसमर्पण किया है। वर्ष 2019 में अब तक आठ आतंकी सेना व सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है। अधिकतर आतंकियों और उनके ओजीडब्ल्यू को वारदात को अंजाम देने से पहले ही पकड़ लिया गया। वीरवार को भारी मात्रा में हथियार लेकर आ रहे आतंकी भी कोई बड़ी वारदात करने की मंशा से आ रहे थे।

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान कोई बड़ी वारदात करने की फिराक में है। यह खुलासा चार अगस्त के बाद पकड़े गए 15 आतंकियों ने भी किया है। इस समय जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है। इस साल आतंकवाद के 165 मामलों में 138 आतंकी मारे गए हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकियों और उन्हें शह देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। पांच अगस्त के बाद कश्मीर में हुई दो मुठभेड़ों के दौरान दो आतंकियों को मार गिराया है।

जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को शह दे रहे पाकिस्तान की ओर से भेजे गए 151 आतंकियों और उनके ओवर ग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) को इस साल सेना, सुरक्षाबलों और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों ने जान जोखिम में डालकर जिंदा पकड़ा है। इन आतंकियों से मिली जानकारी से इसकी पुष्टि हुई कि पाकिस्तान की सेना, खुफिया एजेंसी आइएसआइ आतंकियों को प्रशिक्षित कर बड़ी वारदात करने के लिए इन्हें भेज रही है। पाक सेना अफगानी व पठान आतंकियों को भी इस ओर घकेलने की फिराक में है।

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