लाइव न्यूज़ :

Jammu-Kashmir: पटरी पर लौटने लगी जिंदगियां, रियासी में आज से खुले स्कूल; सामान्य हुए हालात

By अंजली चौहान | Updated: May 13, 2025 10:35 IST

Jammu-Kashmir: शिक्षा विभाग ने गैर-सीमावर्ती जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने की घोषणा की है, जबकि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के कारण सीमावर्ती जिलों के स्कूल बंद रहेंगे

Open in App

Jammu-Kashmir: भारत और पाकिस्तान तनाव के कम होने के बाद बॉर्डर के राज्यों में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। जम्मू-कश्मीर में जान-माल के नुकसान के बाद आज से लोगों का जीवन फिर पटरी पर लौट रहा है। मंगलवार को जम्मू और कश्मीर के रियासी में जनजीवन सामान्य हो गया है। इलाके में सुबह-सुबह बच्चे स्कूल जाते दिखाई दिए। वहीं, सड़कों पर दुकानें खुलनी शुरू हो गई है। 

शिक्षा विभाग के अनुसार जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़, रियासी और रामबन जिलों में सभी सरकारी और निजी स्कूल 13 मई 2025 को खुलेंगे। और कठुआ, जम्मू, राजौरी, पुंछ, सांबा और उधमपुर जिलों में सभी निजी और सरकारी स्कूल मंगलवार को बंद रहेंगे। 

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर 8 मई को स्कूल बंद कर दिए गए थे।

हालांकि, सांबा जिले के एक सीमावर्ती गांव के स्थानीय निवासियों को सोमवार रात को धमाके सुनाई देने और एक घर में छर्रे लगने के बाद पाकिस्तानी सेना का डर सता रहा है। पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी के बाद प्रभावित घर की छत और रसोई क्षतिग्रस्त हो गई है।

स्थानीय निवासी दलबीर सिंह ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी के कारण लगातार डर बना हुआ है। "हमें कल रात कुछ पता नहीं था, लेकिन हमने शोर सुना। सुबह हमने देखा कि यह हुआ है। हालांकि, ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। विस्फोट के समय हम सभी घर पर थे। बाद में पुलिस आई और स्थिति का जायजा लिया। डर का माहौल है।"

एएनआई के अनुसार, स्थानीय निवासी कृष्ण चंद ने कहा कि विस्फोट के समय वह बाहर बैठे थे। उन्होंने कहा, "कल रात हमें कुछ पता नहीं था, लेकिन हमने शोर सुना। सुबह हमने देखा कि यह हुआ है। हालांकि, ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जब विस्फोट हुआ, तब हम सभी घर पर थे। बाद में पुलिस आई और स्थिति का जायजा लिया। डर का माहौल है।"

सीमावर्ती गांव के एक स्थानीय व्यक्ति प्रकर सिंह ने कहा, "जब ड्रोन से गोलीबारी हुई, तो मैं अपने बच्चों को शांत करने की कोशिश कर रहा था। पाकिस्तान सहमत होने को तैयार नहीं है।"

सोमवार शाम को सांबा में ब्लैकआउट के बीच भारतीय वायु रक्षा ने पाकिस्तानी ड्रोन को रोका, जिसके बाद लाल धारियाँ देखी गईं और विस्फोटों की आवाज़ सुनी गई। सेना के सूत्रों ने कहा कि सांबा सेक्टर में कम संख्या में ड्रोन आए थे और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सेना के सूत्रों ने कहा कि तुलनात्मक रूप से सांबा सेक्टर में बहुत कम संख्या में ड्रोन आए हैं और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। चिंता की कोई बात नहीं है।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरEducation Departmentइनडो पाकएलओसी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?