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जम्मू-कश्मीर: 'उन्हें मारो जिन्होंने कश्मीर को लूटा है' वाले बयान पर राज्यपाल मलिक की सफाई, कहा-मुझे यह नहीं कहना चाहिए था लेकिन...

By स्वाति सिंह | Updated: July 22, 2019 10:47 IST

राज्यपाल मलिक ने रविवार को आतंकवादियों से कहा था कि वे सुरक्षाकर्मियों समेत बेगुनाहों की हत्या करना बंद करें और इसके बजाय उन लोगों को निशाना बनायें 'जिन्होंने वर्षों तक कश्मीर की सम्पदा को लूटा'  है।

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ठळक मुद्देमलिक ने सोमवार को अपने द्वारा भ्रष्ट नेताओं पर दिए बयान को लेकर सफाई दी है।जम्मू -कश्मीर के राज्यपाल ने अफसोस जताते हुए कहा, 'राज्यपाल होते हुए मुझे यह नहीं कहना चाहिए था

जम्मू -कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को अपने द्वारा भ्रष्ट नेताओं पर दिए बयान को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा 'संवैधानिक पद पर होते हुए मुझे ऐसा नहीं बोलना चाहिए था।

राज्यपाल  मलिक ने कहा 'मैं मानता हूं कि जो मेरी जिम्मेदारी, पद है उस पर ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए थी। लेकिन यहां चल बढ़ रहे भ्रष्टाचार के कारण गुस्से और हताश में यह बात निकल गई।

उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, 'राज्यपाल होते हुए मुझे यह नहीं कहना चाहिए था लेकिन मेरी व्यक्तिगत भावना ऐसी ही है। यहां कई राजनीतिक नेता और बड़े नौकरशाह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।' बता दें कि राज्यपाल मलिक ने रविवार को आतंकवादियों से कहा था कि वे सुरक्षाकर्मियों समेत बेगुनाहों की हत्या करना बंद करें और इसके बजाय उन लोगों को निशाना बनायें 'जिन्होंने वर्षों तक कश्मीर की सम्पदा को लूटा' है। राज्यपाल के इस बयान पर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ। इसके साथ ही इस बयान की मुख्यधारा के नेताओं ने आलोचना की।

राज्यपाल की इस टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मलिक को दिल्ली में अपनी प्रतिष्ठा की पड़ताल करनी चाहिए। अब्दुल्ला ने ट्वीट किया 'यह शख्स जो जाहिर तौर पर एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर काबिज है और वह आतंकवादियों को भ्रष्ट समझे जाने वाले नेताओं की हत्या के लिये कह रहा है।'

बाद में, नेकां नेता ने कहा 'इस ट्वीट को सहेज लें- आज के बाद जम्मू-कश्मीर में मारे गये किसी भी मुख्यधारा के नेता या सेवारत/सेवानिवृत्त नौकरशाह की अगर हत्या होती है तो समझा जायेगा कि यह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के आदेशों पर की गयी है।'

राज्य कांग्रेस प्रमुख जीए मीर ने पूछा 'क्या वह जंगल राज को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं?'  उन्होंने कहा कि मलिक जिस संवैधानिक पद पर हैं, उनका यह बयान उसकी गरिमा के खिलाफ है।

हालांकि राज्यपाल ने फौरन यह भी कहा कि हथियार उठाना कभी भी किसी समस्या का हल नहीं हो सकता और उन्होंने श्रीलंका में लिट्टे का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा 'भारत सरकार कभी हथियार के आगे घुटने नहीं टेकेगी।'  

उन्होंने आतंकवादियों से हिंसा का रास्ता नहीं अपनाने को कहा। उन्होंने मुख्यधारा के नेताओं पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि ये नेता दिल्ली में अलग भाषा बोलते हैं और कश्मीर में कुछ और बोलते हैं।

 

टॅग्स :सत्यपाल मलिकजम्मू कश्मीर
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