लाइव न्यूज़ :

मदर्स डे के दिन इरोम शर्मिला ने दिया जुड़वा बच्चियों को जन्म, कहा - ये मेरे लिए दोगुनी खुशी का मौका

By विनीत कुमार | Updated: May 13, 2019 09:17 IST

इरोम शर्मिला ने राजनीति में जाने की बात कहते हुए अपना अनशन तोड़ा था। उन्होंने इसके बाद मणिपुर विधानसभा चुनाव में हिस्सा भी लिया लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

Open in App
ठळक मुद्देAFSPA के खिलाफ 16 साल तक मणिपुर में अनशन के जानी जाती हैं इरोम शर्मिलाइरोम ने साल 2016 में अनशन तोड़ राजनीति में जाने की घोषणा की थीइरोम ने बाद में ब्रिटिश नागरिक से शादी की और कोडाइकनाल चली गईं

मणिपुर की 'आयरन लेडी' के तौर पर मशहूर इरोम शर्मिला ने रविवार (12 मई) को मदर्स डे के दिन जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। इरोम ने बेंगलुरु के एक अस्पताल में इन बच्चियों को जन्म दिया। दोनों बच्चियों का जन्म के समय वजन 2.1 किलोग्राम था और वे पूरी तरह से ठीक हैं। इरोम शर्मिला मणिपुर में आर्म्स फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट (AFSPA) के खिलाफ 16 साल तक लगातार अनशन के लिए जानी जाती हैं। 

इरोम 46 साल की हैं। उन्होंने ने अगस्त-2016 में अपनी भूख हड़ताल खत्म की थी और कोडाइकनाल चली गई थीं। इसके बाद पिछले साल वह बेंगलूरू चली गईं। इरोम और उनके ब्रिटिश पति डेशमंड कुंटिनो ने अपनी दोनों बेटियों का नाम निक्स सखी और ऑटम तारा रखा है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इरोम ने अस्पताल से ही फोन के जरिये बताया, 'यह नई जिंदगी है, मेरे लिए नई शुरुआत है। मैं बहुत खुश हूं। हमारी कोई पसंद नहीं थी, हम बस स्वस्थ बच्चा चाहते थे।'

इरोम ने साथ ही बताया, 'कुछ लोग मुझसे मिलने आये थे और यहा मौजूद नर्सें उनके साथ खुशी मना रही हैं। मेरी बेटियां मदर्स डे के दिन पैदा हुईं और इससे मुझे दोहरी खुशी है। मुझे लगता है कि यह खास है।'

इरोम ने बताया कि उनकी बेटी निक्स का नाम उनकी मां इरोम सखी के नाम पर रखा गया है जिनका देहांत कुछ महीनों पहले हुआ था। इरोम ने कहा, 'मैं अपने मां को बहुत मिस करती हूं। काश वह ये जान पाती। काश मैं उन्हें फोन कर इस बारे में बता पाती।' इरोम ने बताया कि उनके पति ने निक्स नाम के बारे सोचा। वहीं, दूसरी बेटी का नाम एक बौद्ध देवी के नाम पर रखा गया, जो बुद्ध की महिला अवतार के तौर पर देखी जाती हैं।

बता दें कि 2016 में इरोम शर्मिला ने राजनीति में जाने की बात कहते हुए अपना अनशन तोड़ा था। उन्होंने इसके बाद मणिपुर विधानसभा चुनाव में हिस्सा भी लिया लेकिन उन्हें तौबल से मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इरोम को केवल 90 वोट मिले। इसके बाद इरोम ने कहा कि उन्हें अपने लोगों से निराशा हाथ लगी है जिनके लिए वे 16 साल तक लड़ती रहीं।

टॅग्स :मदर्स डेमणिपुर
Open in App

संबंधित खबरें

भारतगुवाहाटी में कुकी जो काउंसिल के प्रतिनिधिमंडल से मिले मणिपुर सीएम वाई खेमचंद सिंह, शांति और सामान्य स्थिति पर 1.45 घंटा चर्चा

भारतManipur Protests: मणिपुर में भाजपा सरकार ने पास किया फ्लोर टेस्ट, नई सरकार के आते ही चुराचंदपुर में हिंसक प्रदर्शन, 5 लोग घायल

भारतमणिपुर को नया मुख्यमंत्री मिला, युमनाम खेमचंद सिंह ने ली सीएम पद की शपथ

भारतमणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटाया गया, एनडीए नेताओं ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

भारतकौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह? जानिए मणिपुर के होने वाले मुख्यमंत्री के बारे में

भारत अधिक खबरें

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष