नई दिल्ली, 6 मार्च। आईएनएक्स मीडिया मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कार्ति चिदंबर सीबीआई हिरासत तीन दिन के लिए बढ़ा दी है। मंगलवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने 9 दिन की हिरासत की मांग की थी लेकिन कार्ति के वकील मनु सिंघवी के विरोध के बाद कोर्ट ने सिर्फ तीन दिन की हिरासत के लिए परमिशन दी। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
इस मामले में सीबीआई का दावा है कि उसे ताजा सबूत हाथ लगे हैं जिसके आधार पर कार्ति से जुड़ी कई और कंपनियों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। वहीं कार्ति का कहना है कि उन्हें राजनीतिक तौर पर परेशान किया जा रहा है।
वहीं इन सबसे इतर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में कार्ति चिंदबरम की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय से जवाब मांगा। कार्ति ने इस मामले में उनके खिलाफ ईडी द्वारा जारी समन को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्ति की इस मांग को नकार दिया कि ईडी को उन्हें गिरफ्तार नहीं करने दिया जाए।
पीठ ने मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को मुकर्रर करते हुए कहा कि न्यायालय केवल कार्ति के वकील कपिल सिब्बल द्वारा उठाए गए कानून के प्रश्न पर सुनवाई करेगा। सिब्बल ने न्यायालय से कहा कि ईडी कार्ति के खिलाफ बिना एफआईआर दर्ज किए कार्रवाई नहीं कर सकता।
उन्होंने अदालत को बताया कि ईडी कार्ति चिदंबरम के खिलाफ उसी मामले में कार्रवाई कर रहा है जिस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें हिरासत में लिया है।
कार्ति चिंदबरम फिलहाल आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में सीबीआई की हिरासत में हैं। कार्ति चिदंबरम पर उनके पिता पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते हुए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से अनुमति दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। कार्ति ने हालांकि इन आरोपों को 'राजनीति से प्रेरित' बताया है। कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने इस मामले में 28 फरवरी को गिरफ्तार किया था।