इंदौर: चाइनीज मांझा फिर बना ‘मौत का धागा, बाइक सवार टाइल्स ठेकेदार की गला कटने से दर्दनाक मौत
By मुकेश मिश्रा | Updated: January 11, 2026 21:02 IST2026-01-11T21:02:32+5:302026-01-11T21:02:49+5:30
तेज रफ्तार के कारण मांझा गर्दन में गहराई तक धंस गया और देखते ही देखते खून से लथपथ रघुवीर सड़क किनारे गिर पड़े। राहगीरों ने तत्काल एंबुलेंस की सहायता से उन्हें एमवाय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इंदौर: चाइनीज मांझा फिर बना ‘मौत का धागा, बाइक सवार टाइल्स ठेकेदार की गला कटने से दर्दनाक मौत
इंदौर:इंदौर में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा खुलेआम मौत बांट रहा है। तिलक नगर–कनाड़िया रोड के बीच रविवार दोपहर हुए हादसे में बाइक सवार टाइल्स ठेकेदार की गला कटने से मौत हो गई, जिससे शहर में आक्रोश और प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल फिर खड़े हो गए। ओमसाईं विहार कॉलोनी निवासी टाइल्स ठेकेदार रघुवीर रविवार दोपहर बाइक से साइट का निरीक्षण करने निकले थे।
तिलक नगर और कनाड़िया के बीच सड़क से ऊपर पतंगबाजी हो रही थी। इसी दौरान अचानक प्रतिबंधित चाइनीज मांझा उनके गले में उलझ गया। तेज रफ्तार के कारण मांझा गर्दन में गहराई तक धंस गया और देखते ही देखते खून से लथपथ रघुवीर सड़क किनारे गिर पड़े। राहगीरों ने तत्काल एंबुलेंस की सहायता से उन्हें एमवाय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रोज पतंगबाजी होती है और चाइनीज मांझा इस्तेमाल होने की शिकायतें पहले भी उठाई गई थीं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजन ने भी आरोप लगाया कि प्रतिबंध के बावजूद बाजार और ऑनलाइन माध्यमों से चाइनीज मांझा आसानी से उपलब्ध है, जिसका खामियाजा आम लोगों को जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
इधर, पुलिस ने हादसे के बाद तिलक नगर और आसपास के इलाकों में चाइनीज मांझा बेचने और भंडारण की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। बीते दिनों शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान सैकड़ों रोल चाइनीज मांझा जब्त किए जा चुके हैं और कई दुकानदारों व सप्लायरों पर केस दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन ने भी पूरे इंदौर में चाइनीज मांझा रखने, बेचने और उपयोग करने पर प्रतिबंध दोहराते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
लगातार हादसों के बीच सामाजिक संगठन और नागरिक अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल जब्ती और औपचारिक कार्रवाई से बात नहीं बनेगी, जब तक सप्लाई चेन पूरी तरह बंद कर वास्तविक जिम्मेदारों पर कठोर दंड तय नहीं किया जाएगा।