नई दिल्ली: भारत सरकार का प्रमुख आयोजन 'प्रकृति 2026' कार्बन बाजारों पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेल नई दिल्ली में शनिवार को शुरू हुआ। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा, विद्युत मंत्रालय और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के संरक्षण में आयोजित यह सम्मेलन 'भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026' के अंतर्गत हो रहा है। यह उच्च स्तरीय मंच राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर कार्बन बाजारों की बदलती गतिशीलता, जलवायु परिवर्तन में उनकी भूमिका तथा भारत के हरित विकास के अवसरों पर व्यापक विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाइक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भारतीय कार्बन बाजार पोर्टल का शुभारंभ किया। पोर्टल का उद्घाटन करते हुए मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी मार्गदर्शन में जलवायु प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाने में भारत के नेतृत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि जलवायु संबंधी उत्तरदायित्व और आर्थिक विकास साथ-साथ चल सकते हैं। कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (सीसीटीएस), नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और ऊर्जा दक्षता कार्यक्रमों जैसी पहलों के माध्यम से भारत एक पारदर्शी और विश्वसनीय कार्बन बाजार ढांचा तैयार कर रहा है। यह ढांचा न केवल उत्सर्जन में कमी लाने में सहायक होगा, बल्कि दीर्घकालिक रूप से राष्ट्रीय संपदा के रूप में भी कार्य करेगा।
श्रीपद नाइक ने मजबूत कार्बन बाजारों के लिए आवश्यक तीन प्रमुख स्तंभों, तीन 'सी' पर जोर पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहला स्तंभ है डिजिटल एमआरवी के माध्यम से सत्यापन योग्य उत्सर्जन कटौती सुनिश्चित कर विश्वसनीयता स्थापित करना। दूसरा नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसी स्वच्छ प्रौद्योगिकियों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के लिए पूंजी की उपलब्धता और तीसरा पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 के तहत अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।