पटना: बिहार के वैशाली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चोर को पकड़ने गई पुलिस ने ही चोरी के माल पर हाथ साफ कर लिया। थाना प्रभारी और दरोगा ने मिलकर चोर के घर से लाखों का खेल कर डाला। दरअसल, पुलिस आरोपी के घर छापेमारी करने पहुंची और टीवी, बर्तन, सोना, चांदी चोरी का सारा सामान जब्त किया। लेकिन कीमती गहने अपने पास छिपा लिए। अब एसपी ने एक्शन लेते हुए दोनों को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है। एसपी के इस एक्शन से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला जिले के लालगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस पर सोना, चांदी और लाखों रुपये नकद छिपाने का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ललित मोहन शर्मा ने लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार और एक दरोगा सुमन झा को निलंबित कर दिया है और जांच के आदेश दिए हैं।
दरअसल, 31 दिसंबर को लालगंज के एसडीपीओ गोपाल मंडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पति-पत्नी द्वारा चलाए जा रहे चोरी के गिरोह के खुलासे की जानकारी दी थी। पुलिस ने बिलनपुर गांव में रामप्रीत सहनी के घर छापेमारी कर चोरी का बर्तन, टीवी, कारतूस और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया था।
इस दौरान आरोपी की पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया था। लेकिन इस कार्रवाई के बाद नया विवाद खड़ा हो गया। आरोपी रामप्रीत सहनी के रिश्तेदार गेना लाल सहनी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छापेमारी के दौरान पुलिस सिर्फ बर्तन और टीवी ही नहीं, बल्कि करीब 2 किलो सोना, 6 किलो चांदी और लाखों रुपये नकद भी घर से ले गई।
आरोप है कि इन कीमती सामानों को जब्ती सूची में शामिल नहीं किया गया। एसपी के निर्देश पर लालगंज थाना अध्यक्ष संतोष कुमार को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक अन्य दरोगा को लाइन हाजिर किया गया है। पूरे मामले की जांच का जिम्मा सदर एसडीपीओ-02 गोपाल मंडल को सौंपा गया है। इधर, आरोपी के भाई गेनालाल ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने बताया कि रात में पुलिस ने रामप्रीत सहनी के घर छापेमारी की और किसी को पास नहीं आने दिया। आरोपी मछली कारोबार से जुड़ा हुआ है। परिजनों का दावा है कि छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से राइफल की गोलियां, नकदी, सोना, चांदी और बर्तन बरामद हुए, लेकिन कई किलो सोना-चांदी और लाखों रुपये को पुलिस ने आधिकारिक तौर पर जब्त सूची में नहीं दिखाया।