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चार हजार बीघे सरकारी जमीन से हटा अवैध कब्जा, सरकार को लग रहा था करोड़ों का चूना

By धीरज पाल | Updated: July 1, 2018 20:09 IST

करछना तहसील के पांच गांवों में करीब चार हजार बीघा सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं के अवैध कब्जे से पर्दा उठ गया है। गंगा कछार के इस 4000 बीघे सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से खेती कराई जा रही थी।

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इलाहाबाद, 1 जुलाईः करछना तहसील के पांच गांवों में करीब चार हजार बीघा सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं के अवैध कब्जे से पर्दा उठ गया है। गंगा कछार के इस 4000 बीघे सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से खेती कराई जा रही थी। रविवार को पुलिस प्रशासन की टीम ने कब्जा हटवाया। भूमाफियों ने करछना के डीहा, खजुरौल, गड़ैला, सेमरहा समेत 8 गांव की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया था। करछना एसडीएम विनय सिंह ने राजस्व टीम के साथ इन इलाकों की जांच कर खुलासा किया और पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन को कब्जा मुक्त करवाया।

जानिए क्या है पूरा मामला

गंगा कछार के 4000 बीघे की सरकारी जमीन पर परवल और सरसों की खेती कराई जाती है। भूमाफिया इन जमीनों को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया था। जमीन पर आसपास के ग्रामीण और बाहर से आए खेतिहर मजूदरों से खेती कराई जाती है। इन ग्रामीण और खेतिहर मजूदरों को जमीन को 5000 रुपये प्रति बीघा दर से बांट दिया जाता है। इन जमीन से निकली फसल से भूमाफियों को करोड़ों का फायदा होता है। इसकी खबर न सरकार को थी और नहीं वहां के प्रशासन को भी। जिससे सरकार को हर साल करोड़ों का नुकसान होता था। 

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एसडीएम ने किया खुलासा

इस बात की भनक प्रशासन तक गई तो करछना एसडीएम वनय सिंह, सीओ करछना रत्नेश सिंह और करछना इंस्पेक्टर पंकज तिवारी ने इस तुरंत संज्ञान लिया और अचौक निरक्षण किया। एसडीएम, एसओ, लेखपाल सहित पुलिस की टीम जब गांव पहुंची तो हड़कंप मच गया। सरकारी जमीन पर काम कर रहे खेतिहर मजदूर भाग निकले।  हालांकि पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ लिया गया है। इसके बाद पुलिस ने जमीन खाली कराने का पूरा बंदोबस्त किया। क्रेन की मदद से परवल की खेती को पूरी तरह खाली करा दिया। बताया जा रहा है कि इस मामले में इलाके के कई बड़े नेताओं और भूमाफियों का नाम आ रहा है। 

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एसडीएम विनय सिंह ने बताया, 'सरकारी जमीन की रेकी के लिए पहले से एक राजस्व की टीम बनाई गई थी। इस टीम ने कुछ दिन पहले आकर सरकारी जमीन की रेकी की और टीम ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाया। आज हमने रामपुर, सिमरहा, गड़ैला,खजुरौल इन पांच गांवों की 4000 बीघे की सरकारी जमीन को खाली कराया। उन्होंने कहा कि गांव में पूछताछ के बाद भूमाफियों के खिलाफ एफआईआर भी की जाएगी और इस पर कार्रवाई कठोर होगी।'

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