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मैं एनसीपी हूं, मैंने जो पत्र दिया, वह तथ्यात्मक रूप से सही है, परिवार में झगड़ा जल्द सुलझ जाएगाः अजित पवार

By भाषा | Updated: November 25, 2019 19:50 IST

शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस द्वारा शीर्ष अदालत में दायर संयुक्त याचिका में कहा गया है कि वह राकांपा नेता हैं और ‘‘यहां तक कि उन्होंने मुझे पार्टी के रूप में अभियोजित किया है।’’ शीर्ष अदालत ने सिंह से पूछा कि वह विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए शक्ति परीक्षण पर क्या कहना चाहते हैं।

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ठळक मुद्देमैंने जो पत्र दिया, वह तथ्यात्मक रूप से सही है। पत्र का खंडन करने के लिए कुछ भी नहीं है।मेरी पार्टी के 54 विधायकों ने सरकार गठन पर निर्णय लेने के लिए विधायक दल के नेता के रूप में मुझे अधिकृत किया।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि वह असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से हैं और पार्टी के 54 विधायकों ने उन्हें अपनी तरफ से राज्य में सरकार गठन पर निर्णय के लिए अधिकृत किया है।

राकांपा प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने शीर्ष अदालत से कहा कि ‘‘परिवार में झगड़ा जल्द सुलझ जाएगा।’’ न्यायमूर्ति एनवी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को अजित पवार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने बताया कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भाजपा के साथ सरकार गठन के लिए सौंपा गया पत्र ‘‘तथ्यात्मक और कानूनी रूप से सही’’ है।

सिंह ने कहा, ‘‘मैं राकांपा हूं। मैंने जो पत्र दिया, वह तथ्यात्मक रूप से सही है। पत्र का खंडन करने के लिए कुछ भी नहीं है। जिस दिन मैंने पत्र दिया, मेरी पार्टी के 54 विधायकों ने सरकार गठन पर निर्णय लेने के लिए विधायक दल के नेता के रूप में मुझे अधिकृत किया। मेरे परिवार में जो झगड़ा है, वह जल्द सुलझ जाएगा, लेकिन इस याचिका का अभी अंत होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस द्वारा शीर्ष अदालत में दायर संयुक्त याचिका में कहा गया है कि वह राकांपा नेता हैं और ‘‘यहां तक कि उन्होंने मुझे पार्टी के रूप में अभियोजित किया है।’’ शीर्ष अदालत ने सिंह से पूछा कि वह विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए शक्ति परीक्षण पर क्या कहना चाहते हैं।

सिंह ने जवाब दिया कि शक्ति परीक्षण के मुद्दे पर वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की दलीलों को मानेंगे और यह कि अदालत सदन में बहुमत साबित करने के लिए सरकार से कहने को लेकर राज्यपाल के विशेषाधिकार में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

रोहतगी ने कहा कि फड़नवीस के पास विधायकों के समर्थन वाला अजित पवार का पत्र था और उसके बाद उन्होंने सरकार बनाने का दावा किया। शीर्ष अदालत मामले में मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे आदेश सुनाएगी। 

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