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22 अप्रैल का इतिहास: आज 'अर्थ डे' मनाकर धरा को बचाने के संकल्प का दिन, सुभाषचंद्र बोस ने छोड़ी थी भारतीय सिविल सेवा की नौकरी

By भाषा | Updated: April 22, 2020 09:29 IST

आज पृथ्वी दिवस है। इस दिन को मनाने की शुरुआत आज के ही दिन 1970 में हुई थी। साथ ही आज के दिन 1915 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मन सेना ने पहली बार जहरीली गैस का इस्तेमाल किया।

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ठळक मुद्देआज का इतिहास: साल 1906 में यूनान के एथेंस में 10वें ओलंपिक खेलों की शुरूआत हुई1931 में मिस्र और इराक ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए, 1970 में दुनिया में पहली बार पृथ्‍वी दिवस मनाया गया

पृथ्वी पर रहने वाले तमाम जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों को बचाने तथा दुनिया भर में पर्यावरण के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लक्ष्य के साथ 22 अप्रैल के दिन ‘पृथ्वी दिवस’ यानि‘ अर्थ डे’ मनाने की शुरुआत की गई थी।

1970 में शुरू की गई इस परंपरा को 192 देशों ने खुली बांहों से अपनाया और आज लगभग पूरी दुनिया में प्रति वर्ष पृथ्वी दिवस के मौके पर धरा की धानी चुनर को बनाए रखने और हर तरह के जीव-जंतुओं को पृथ्वी पर उनके हिस्से का स्थान और अधिकार देने का संकल्प लिया जाता है।

22 अप्रैल वर्ष का 112वां दिन है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी इस दिन का खास मुकाम है। इसी दिन देश के महान सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश सेवा के लिए भारतीय सिविल सेवा की नौकरी से इस्तीफा दिया था। देश दुनिया के इतिहास में 22 अप्रैल की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है।

1906: यूनान के एथेंस में 10वें ओलंपिक खेलों की शुरूआत हुई।

1915 : प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मन सेना ने पहली बार जहरीली गैस का इस्तेमाल किया।

1921 : नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने इंडियन सिविल सर्विस से त्यागपत्र दिया।

1931 : मिस्र और इराक ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।

1958 : एडमिरल आर डी कटारी भारतीय नौसेना के पहले भारतीय प्रमुख बनाए गए।

1970 : दुनिया में पहली बार पृथ्‍वी दिवस मनाया गया।

1983 : अंतरिक्ष यान सोयूज टी-8 पृथ्वी पर लौटा।

1997 : पेरू में जापानी दूतावास में चार माह से चल रही घेराबंदी को समाप्त करने के लिए सेना ने प्रवेश किया।

2012 : लंदन मैराथन के दौरान एक 30 वर्षीय महिला प्रतिभागी की अचानक गिरकर मौत।

2016 : 170 से ज्यादा देशों ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस संधि पर हस्ताक्षर किए। इसे नवंबर 2016 में लागू किया गया।

टॅग्स :अर्थ डेसुभाष चंद्र बोस
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