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हरियाणा: दंगाइयों की पहचान के लिए SIT ने 2,000 सोशल मीडिया वीडियो, सीसीटीवी क्लिप को स्कैन किया, महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: August 4, 2023 15:56 IST

पुलिस दंगे में शामिल उपद्रवियों की पहचान करने के लिए उन जगहों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच कर रही है जहां हिंसा हुई थी। हिंसा से जुड़े कुछ वीडियो क्लिप सोशल मीडिया के कुछ अकाउंट पर अपलोड किए गए थे।

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ठळक मुद्देनूंह हिंसा मामले में लगभग 2,000 वीडियो को स्कैन करना शुरू किया गया सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की जा रही हैपुलिस ने उम्मीद जताई है कि सोशल मीडिया वीडियो से महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे

गुरुग्राम: दक्षिण हरियाणा में सांप्रदायिक हिंसा के बाद राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने लगभग 2,000 वीडियो को स्कैन करना शुरू कर दिया है जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहे हैं। 

पुलिस दंगे में शामिल उपद्रवियों की पहचान करने के लिए उन जगहों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच कर रही है जहां हिंसा हुई थी। हिंसा से जुड़े कुछ वीडियो क्लिप सोशल मीडिया के कुछ अकाउंट पर अपलोड किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस अस्पतालों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और जंक्शनों के आसपास के कैमरों से फुटेज प्राप्त कर रही है।

पूरे मामले की जानकारी देते हुए राज्य के पुलिस प्रमुख पीके अग्रवाल ने कहा है कि अब तक दर्ज की गई 93 एफआईआर की जांच के लिए कई एसआईटी का गठन किया गया है। इनमें से एक टीम  विशेष रूप से उन सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखेगी जो संभावित रूप से तनाव पैदा कर सकते हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से लगभग 2,000 वीडियो पहले ही डाउनलोड किए जा चुके हैं, जिनमें व्हाट्सएप पर चल रहे वीडियो भी शामिल हैं। टीमों का नेतृत्व डीएसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।"

इससे पहले नूंह पुलिस प्रमुख वरुण सिंगला ने कहा कि कथित तौर पर हिंसा भड़काने वाले वीडियो पोस्ट करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि हमारा साइबर सेल उस पर नज़र रख रहा है। तीन लोगों के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज करायी जा चुकी है।  हमें और उपद्रवियों की पहचान करने की जरूरत है। इसलिए, हम सीसीटीवी कैमरों से सोशल मीडिया वीडियो और क्लिप स्कैन कर रहे हैं।

पुलिस ने उम्मीद जताई है कि सोशल मीडिया वीडियो से महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि ये वीडियो हमें कई उपद्रवियों तक ले जाएंगे। इन क्लिपों को स्कैन करने के लिए हमारे पास हमारे विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि कई पोस्ट और वीडियो यूजर्स पहले ही हटा चुके हैं।

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