नयी दिल्ली, 29 नवंबर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को देशवासियों को गुरू नानक देव जी की जयंती की पूर्वसंध्या पर बधाई देते हुए कहा कि सिखों के प्रथम गुरू ने लोगों को संगठन, समरसता और सेवा का मार्ग दिखाया।
कोविंद ने कहा कि गुरू नानक देव के जीवन और उपदेश समस्त मानव जाति के लिए प्रेरक हैं।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘उन्होंने लोगों को संगठन, समरसता, भाईचारा, शिष्टाचार और सेवा का मार्ग दिखाया और परिश्रम, ईमानदारी तथा आत्म-सम्मान पर आधारित जीवनशैली को साकार करने का आर्थिक दर्शन दिया।’’
उन्होंने कहा कि गुरू नानक देव ने अपने अनुयायियों को ‘एक ओंकार’ का मंत्र दिया तथा जाति, वर्ण और लिंग के आधार पर भेदभाव के बिना समस्त मानव जाति को एक समान समझने पर जोर दिया।
कोविंद ने कहा कि ‘नाम जपो, कीरत करो और वंड छको’ के गुरू नानक देव के संदेश में उनके सभी उपदेशों का भाव निहित है।
उन्होंने कहा, ‘‘गुरू नानक देव की जयंती के पावन अवसर पर हमें इस तरह से काम करने का संकल्प लेना चाहिए ताकि उनके उपदेशों का अनुसरण किया जा सके।’’
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार राष्ट्रपति ने एक संदेश में कहा, ‘‘गुरू नानक जयंती के पावन अवसर पर मैं भारत और विदेश में रहने वाले सभी नागरिकों, विशेष रूप से सिख समुदाय के भाइयों और बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
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