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राजकीय सम्मान के साथ नहीं होगा केरल के पूर्व सीएम ओमन चांडी का अंतिम संस्कार, जानिए क्या है कारण

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: July 19, 2023 20:12 IST

सामान्य तौर पर पूर्व मुख्यमंत्रियों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाता है, जिसमें बंदूकों की सलामी दी जाती है, लेकिन चांडी के अंतिम संस्कार में ऐसा नहीं होगा। चांडी ने आम आदमी की तरह अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी।

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ठळक मुद्देकेरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी का 18 जुलाई को हुआ था निधनराजकीय सम्मान के बिना ही दफनाया जाएगा पार्थिव शरीरचांडी ने आम आदमी की तरह अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी

तिरुवनंतपुरम: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने अपने निधन से पहले आम आदमी की तरह अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी और इसलिए उनके पार्थिव शरीर को बृहस्पतिवार, 2O जुलाई को राजकीय सम्मान के बिना ही दफनाया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री चांडी का मंगलवार को निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को कल कोट्टायम के पुथुपल्ली में उनके चर्च में ईसाई रीतियों के साथ दफनाया जाएगा।

सामान्य तौर पर पूर्व मुख्यमंत्रियों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाता है, जिसमें बंदूकों की सलामी दी जाती है, लेकिन चांडी के अंतिम संस्कार में ऐसा नहीं होगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि चांडी ने अपने निधन से पूर्व अपने परिवार के सामने इच्छा जताई थी कि उन्हें मृत्यु के बाद आम आदमी की तरह दफनाया जाए।

पीटीआई-भाषा से बात करते हुए रमेश चेन्निथला ने कहा, "उन्होंने अपने लिए आम आदमी की तरह अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी। उनका परिवार उस इच्छा को पूरा कर रहा है।" सरकार के एक सूत्र ने बताया कि चांडी के परिवार ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इच्छा प्रकट की कि उन्हें बिना राजकीय सम्मान के, आम आदमी की तरह दफनाया जाए।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) सचिव एवं विधायक पी. सी. विष्णुनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने दिवंगत नेता के परिवार का अनुरोध स्वीकार कर लिया है। इससे पहले 2010 में दिग्गज कांग्रेस नेता और चार बार केरल के मुख्यमंत्री रहे के. करुणाकरण का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया था। वहीं वामपंथी नेता और मुख्यमंत्रियों- ईएमएस नंबूदरीपाद और ईके नयनार के अंतिम संस्कार से पहले धार्मिक रीतियों का अनुसरण नहीं किया गया था, लेकिन उनका अंतिम संस्कार भी पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया था। दोनों का निधन क्रमश: 1998 और 2004 में हो गया था। चांडी के अंतिम संस्कार के लिए कोट्टायम जिले के पुथुपल्ली ऑर्थोडॉक्स चर्च में तैयारियां चल रही हैं। 

टॅग्स :Oommen Chandyकांग्रेसCongress
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