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कोरोनिलः बाबा रामदेव के खिलाफ दर्ज हुई FIR, लगीं 420 व जादुई उपचार कानून की धाराएं

By भाषा | Updated: June 28, 2020 06:51 IST

योग गुरू बाबा रामदेव समेत पांच लोगों के खिलाफ धारा 420 तथा दवा व जादुई उपचार कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत बलराम जाखड़ ने दी थी।

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ठळक मुद्देबाबा रामदेव समेत पांच लोगों के खिलाफ धारा 420 तथा दवा व जादुई उपचार कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।अधिकारी ने कहा कि कंपनी की कथित दवा को आयुष मंत्रालय की मंजूरी नहीं है, इसलिए यह मामला दर्ज किया गया है।

जयपुर। पतंजलि आयुर्वेद द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण की आयुर्वेदिक दवा पेश करने के मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर योग गुरू बाबा रामदेव सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उपायुक्त अशोक गुप्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘'हमें कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद धोखाधड़ी का एक मामला ज्योतिनगर थाने में दर्ज किया गया है। यह मामला एक वकील द्वारा बाबा रामदेव व चार अन्य के खिलाफ दी गयी शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।'’ मामले के अन्य आरोपियों में आचार्य बालकृष्ण, निम्स जयपुर के निदेशक बी एस तोमर, उनके पुत्र अनुराग सिंह तोमर व वरिष्ठ वैज्ञानिक अनुराग वार्ष्णेय शामिल हैं। इनके खिलाफ धारा 420 तथा दवा व जादुई उपचार कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत बलराम जाखड़ ने दी थी।

दवा को आयुष मंत्रालय की मंजूरी नहीं

अधिकारी ने कहा कि कंपनी की कथित दवा को आयुष मंत्रालय की मंजूरी नहीं है, इसलिए यह मामला दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार के लिये पंतजलि आयुर्वेद द्वारा बनाई गई दवा के 'क्लीनिकल ट्रायल' करने को लेकर शुक्रवार को निम्स हास्पीटल को नोटिस जारी किया और स्पष्टीकरण मांगा था। बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने 'कोरोनिल’ दवा पेश करते हुए मंगलवार को दावा किया था कि उसने कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज ढूंढ लिया है।

कोरोनिल बनाने में रही होगी कोई प्रक्रियात्मक त्रुटि- रावत

योग गुरू बाबा रामदेव की कोरोना की दवाई 'कोरोनिल' की प्रमाणिकता पर उपजे विवाद के बीच बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि इसे बनाने में कोई 'प्रोसीजरल फॉल्ट' :प्रक्रियात्मक त्रुटि' रही होगी । यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पतंजलि की यह दवाई अपने ट्रायल पर खरी उतरी है । रावत ने कहा कि उन्होंने कहीं पढा है कि इसके ट्रायल के परिणाम बहुत अच्छे रहे हैं । कोरोनिल से मरीज तीन दिन में 69% और एक सप्ताह में शत प्रतिशत ठीक हो जाते हैं । हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि हर काम विधिक होना चाहिए । उन्होंने कहा कि हर काम की एक प्रक्रिया होती है जिसका पालन किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि दवाई बनाने में कोई प्रोसीजरल फाल्ट रहा होगा ।' मंगलवार को बाबा रामदेव के कोरोनिल को बाजार में उतारते ही इसे लेकर विवाद शुरू हो गया जिसके बाद केंद्र के आयुष मंत्रालय ने इसके ट्रायल की पूरी जानकारी तलब करते हुए इसके कोरोना की दवाई के रूप में प्रचार पर रोक लगा दी।

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