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Delhi Violence: जस्टिस मुरलीधर के ट्रांसफर को प्रियंका गांधी ने बताया शर्मनाक, कहा- सरकार के प्रयास दुस्साहसी

By रामदीप मिश्रा | Updated: February 27, 2020 09:59 IST

न्यायमूर्ति मुरलीधर दिल्ली हिंसा मामले की सुनवाई कर रहे थे और यह अधिसूचना ऐसे दिन जारी की गई जब उनकी अगुवाई वाली पीठ ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषणों को लेकर तीन भाजपा नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस के प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर 'नाराजगी' जताई थी।

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ठळक मुद्देदिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश एस. मुरलीधर का पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में तबादला कर दिया गया है।प्रियंका गांधी ने उनके ट्रांसफर को लेकर गुरुवार सुबह ट्वीट कर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है।

दिल्ली के उत्तरपूर्वी इलाके में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर भड़की हिंसा पर सुनवाई करने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश एस. मुरलीधर का पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में तबादला कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कुछ दिन पहले ही उनके ट्रांसफर की सिफारिश की थी। इस बीच उनके ट्रांसफर को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है।

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'मौजूदा विवाद को देखते हुए न्यायमूर्ति मुरलीधर का आधी रात को ट्रांसफर न केव सल चौंकाने वाला है, बल्कि यह प्रमाणित रूप से दुखद और शर्मनाक है। लाखों भारतीयों को एक न्यायप्रिय और ईमानदार न्यायपालिका में विश्वास है, न्याय को विफल करने और उनसे विश्वास को तोड़ने के सरकार के प्रयास दुस्साहसी हैं।'

बता दें, न्यायमूर्ति मुरलीधर दिल्ली हिंसा मामले की सुनवाई कर रहे थे और यह अधिसूचना ऐसे दिन जारी की गई जब उनकी अगुवाई वाली पीठ ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषणों को लेकर तीन भाजपा नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस के प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर 'नाराजगी' जताई थी। न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति अनूप जे भम्भानी की पीठ ने अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि वे सतर्क रहें ताकि 1984 में सिख विरोधी दंगों के दौरान जो नरसंहार हुआ था, उसका दोहराव न हो। विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने प्रधान न्यायाधीश से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया। अधिसूचना में हालांकि, यह जिक्र नहीं किया गया है कि न्यायमूर्ति मुरलीधर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपना कार्यभार कब संभालेंगे। सुप्रीट कोर्ट ने ट्रांसफर की अनुशंसा 12 फरवरी 2020 को ही की थी, लेकिन नोटिफिकेशन दो हफ्ते बाद जारी किया गया है।  

इधर, उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा में अबतक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें एक दिल्ली का हेड कॉन्सटेबल रतनलाल और एक आईबी अफसर अंकित शर्मा की भी मौत हुई है। 200 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा कि हिंसा में कथित भागीदारी को लेकर 106 लोगों को गिरफ्तार किया है और 18 प्राथमिकियां दर्ज की हैं। 

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