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दिल्ली हिंसा: रविशंकर प्रसाद ने सोनिया गांधी को दिलायी 1984 की याद, कहा- हमें 2002 के बारे में न बताएं

By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 28, 2020 14:00 IST

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये कौन सा राजधर्म है कि आज सब पलट गए। सोनिया जी आपको इसका जवाब देना पड़ेगा कि क्या मनमोहन जी ने जो किया था वो गलत था? क्या जो इंदिरा जी और राजीव जी ने काम किया था वो गलत था?

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ठळक मुद्देसोनिया जी आपने रामलीला मैदान में कहा था कि इस पार और उस पार की लड़ाई होगी। ये कौन सी भाषा है? ये उत्तेजना नहीं है तो क्या है?रविशंकर प्रसाद ने कहा कि NPR कांग्रेस सरकार ने शुरू किया। आप करें तो ठीक, हम उसी काम को करें तो उस पर लोगों को उकसाया जाए।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला बोला है। भाजपा ने कांग्रेस पर उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने पर अपना रुख बदलने का आरोप लगाया। सोनिया जी 1984 में क्या हुआ था, हमें 2002 के बारे में न बताएं।

कानून मंत्री ने कहा कि ये कौन सा राजधर्म है कि आज सब पलट गए। सोनिया जी आपको इसका जवाब देना पड़ेगा कि क्या मनमोहन जी ने जो किया था वो गलत था? क्या जो इंदिरा जी और राजीव जी ने काम किया था वो गलत था? सोनिया जी आपने रामलीला मैदान में कहा था कि इस पार और उस पार की लड़ाई होगी। ये कौन सी भाषा है? ये उत्तेजना नहीं है तो क्या है?

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि NPR कांग्रेस सरकार ने शुरू किया। आप करें तो ठीक, हम उसी काम को करें तो उस पर लोगों को उकसाया जाए। ये कौन सा राजधर्म है सोनिया जी? सोनिया जी मुझे आपसे एक बात पूछनी है कि जब शाहीन बाग में बच्चों को प्रधानमंत्री के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाया जा रहा था, तब भी आप खामोश थीं।

BJP leader and Union Minister RS Prasad on being asked about the Party's stand on statements made by its leaders Parvesh Verma and Kapil Mishra: We have clarified our position very clearly, we do not approve these statements pic.twitter.com/i67tSUqcm3

— ANI (@ANI) February 28, 2020

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि क्या आपकी पार्टी ने ये भी नहीं कहने की जरूरत नहीं समझी कि हम इसका समर्थन नहीं करते हैं? ये है आपका राजधर्म। ये समय शांति के लिए हाथ बढ़ाने का है। ये समय उत्तेजना फैलाने का नहीं है। लेकिन कांग्रस पार्टी का स्वर जो दिसंबर में आर-पार का था वही स्वर आज भी है। इसका कारण यह है कि कांग्रेस अपनी हार नहीं भूल पाती है।

 

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