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मुखर्जीनगर बवाल पर हाई कोर्ट में सुनवाई, बच्चे को घसीटने पर जज ने जताई नाराजगी, 1 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: June 19, 2019 20:00 IST

रविवार शाम ऑटो चालक सरबजीत सिंह और पुलिसकर्मियों के बीच झगड़े की कई वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं।

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ठळक मुद्देहाई कोर्ट ने एक हफ्ते के अंदर गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।  इस मामले में अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।

मुखर्जी नगर में पुलिस और सरदार के बीच विवाद पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस नगमी वजीरी और जस्टिस जयंत नाथ ने मामले पर सुनवाई करते हुए नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग बच्चे को कैसे घसीटा? हाई कोर्ट ने एक हफ्ते के अंदर गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट का आदेश है कि सरबजीत के बच्चे की पहचान उजागर नहीं करनी चाहिए। इस मामले में अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।

दिल्ली उच्च न्यायालय उत्तर पश्चिम दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में एक ऑटो रिक्शा चालक और उसके बेटे की पुलिस द्वारा कथित तौर पर पिटाई किए जाने के मामले में स्वतंत्र सीबीआई जांच का अनुरोध करने वाली एक जनहित याचिका की गई थी। याचिका में पुलिस सुधारों के लिए उचित दिशा-निर्देश तय करने की भी मांग की गई है। पेशे से वकील सीमा सिंघल द्वारा दायर याचिका में मीडिया में आयी खबरों का हवाला देते हुए कहा गया कि पुलिस ने ऑटो रिक्शा चालक और उसके नाबालिग बेटे को बुरी तरह पीटा। साथ ही याचिका में मामले में मेडिकल रिपोर्ट समेत रिकॉर्ड तलब करने की मांग की गई।

रविवार शाम ऑटो चालक सरबजीत सिंह और पुलिसकर्मियों के बीच झगड़े की कई वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। संबंधित एक क्लिप में ऑटो चालक तलवार लेकर पुलिसकर्मियों के पीछे भागते हुए दिखाई देता है। एक अन्य वीडियो में पुलिसकर्मी ऑटो चालक और उसके बेटे की डंडों से पिटाई करते दिखते हैं। 

अधिवक्ता संगीता भारती के जरिए दायर की गई याचिका में सिंह और उसके नाबालिग बेटे पर ‘‘बर्बर हमले’’ की सीबीआई या ऐसी ही किसी एजेंसी से स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। याचिका में ‘‘पुलिस की बर्बरता और अत्यधिक बल प्रयोग के हिंसक कृत्यों’’ को रोकने के लिए पुलिस सुधारों के वास्ते उचित दिशा-निर्देश तय करने का अनुरोध किया गया है। याचिका में मुखर्जी नगर पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज के साथ मामले की स्थिति रिपोर्ट तलब करने की मांग की गई है और साथ ही अदालत से केंद्र, दिल्ली सरकार तथा अन्य को पीड़ितों को मुआवजा देने के निर्देश देने की मांग की गई है।

 याचिका में साथ ही आग्रह किया गया है कि मीडिया को सिंह के नाबालिग बेटे की पहचान उजागर करने और किसी मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसकी तस्वीरें या साक्षात्कार प्रसारित करने से रोका जाए। गौरतलब है कि इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने ‘‘गैर पेशेवर व्यवहार’’ के लिए अपने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

समाचार एजेंसी पीटीआई भाषा से इनपुट्स लेकर

टॅग्स :दिल्लीदिल्ली हाईकोर्ट
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