लाइव न्यूज़ :

चीन और पाकिस्तान से लड़े गए युद्धों का रिकॉर्ड हो सकेगा सार्वजनिक, रक्षा मंत्रालय ने नई नीति को दी मंजूरी

By अभिषेक पारीक | Updated: June 12, 2021 17:34 IST

रक्षा मंत्रालय ने युद्ध से जुड़े रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने के लिए नीति को मंजूरी दे दी है। युद्ध इतिहास को गोपनीयता सूची से हटाकर प्रकाशित करने, संग्रह करने और अवर्गीकृत करने के लिए नीति लाई गई है।

Open in App
ठळक मुद्देयुद्ध से जुड़े रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने के लिए नीति को मंजूरी दे दी है। सरकार के पास संवेदनशील रिकॉर्ड को रोकने की शक्ति बनी रहेगी। सरकार तय कर सकेगी कि कौनसी रिकॉर्ड सार्वजनिक होगी और कौनसी नहीं। 

रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को युद्ध से जुड़े रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने के लिए नीति को मंजूरी दे दी है। युद्ध इतिहास और विभिन्न  युद्ध अभियानों से जुड़े इतिहास को गोपनीयता सूची से हटाकर प्रकाशित करने, संग्रह करने और अवर्गीकृत करने के लिए नीति लाई गई है। जिसके तहत आधिकारिक रूप से अगले पांच सालों में सब कुछ दर्ज कर राष्ट्रीय अभिलेखागार को सौंप दिया जाएगा। हालांकि सरकार के पास ऐसे किसी भी संवेदनशील रिकॉर्ड को रोकने के लिए शक्तियां बनी रहेंगी। 

रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में उल्लेख किया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय द्वारा युद्ध संचालन इतिहास के संग्रह, अवर्गीकरण और संकलन/प्रकाशन की नीति को मंजूरी दे दी है। जिसके तहत रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक संगठन जैसे सर्विसेज, एकीकृत रक्षा कर्मचारी, असम राइफल्स और भारतीय तटरक्षक से जुड़े दस्तावेजों जैसे युद्ध डायरी, कार्यवाही के पत्र और रिकॉर्ड बुक सहित अन्य अभिलेखों को इतिहास प्रभाग को मुहैया कराया जाएगा। जिससे इतिहास प्रभाग इन्हें सुरक्षित रखेगा, संग्रह करेगा और इतिहास लिखेगा। 

संबंधित प्रतिष्ठान की होगी जिम्मेदारी

रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'पब्लिक रिकॉर्ड एक्ट 1993 और पब्लिक रिकॉर्ड रूल्स 1997 के अनुसार रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने का जिम्मा संबंधित प्रतिष्ठान का है।'

25 साल बाद सार्वजनिक हो रिकॉर्ड

इस नीति के अनुसार, सामान्य तौर पर रिकॉर्ड को 25 साल के बाद सार्वजनिक किया जाना चाहिए। बयान के अनुसार युद्ध/अभियान इतिहास के संग्रह के 25 साल या उससे पुराने रिकॉर्ड का संग्रह विशेषज्ञों द्वारा जांच कराने के बाद उसे राष्ट्रीय अभिलेखागार को सौंपा जाना चाहिए।

सरकार को तय करने का अधिकार

हालांकि इसका यह मतलब कतई नहीं है कि कोई भी रिकॉर्ड अपने आप सार्वजनिक हो जाएगा। सरकार यह तय कर सकती है कि राष्ट्रीय अभिलेखागार के साथ कौनसी रिपोर्ट साझा की जाए और कौनसी नहीं। 

टॅग्स :राजनाथ सिंहरक्षा मंत्रालय
Open in App

संबंधित खबरें

भारतIndian Navy Warship INS Taragiri: समंदर तूफान में INS तारागिरी, ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से लैस, जानें खासियत

भारतएस-400, मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, तोपें, गोला-बारूद, समेत 2.38 लाख करोड़ रुपये की रक्षा डील्स को मिली मंज़ूरी

भारतमिडिल ईस्ट विवादः राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन, शाह, सीतारमण और पुरी होंगे सदस्य, एक्शन में पीएम मोदी?

भारत5 राज्य में चुनाव और 12 मार्च को बीजेपी की बैठक?, प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन, राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा होंगे शामिल, टिकट पर मंथन?

कारोबारRafale Deal Confirmed: राफेल विमान खरीद में तकनीक हस्तांतरण से भविष्य में होगा लाभ

भारत अधिक खबरें

भारतहैदराबाद में हैं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, दिल्ली घर पर असम पुलिस ने की छापेमारी?, दिल्ली पुलिस की टीम कर रही मदद, वीडियो

भारतNBEMS GPAT 2026: आ गया जीपैट का रिजल्ट, डायरेक्ट लिंक से चेक करें अपना स्कोर

भारतMBOSE SSLC 10th Result 2026: कक्षा 10 का परिणाम घोषित?, परिणाम देखने के लिए इस लिंक पर जाइये

भारतKarnataka 2nd PUC Result 2026: रोल नंबर तैयार रखें, कभी भी आ सकता है रिजल्ट

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल