लाइव न्यूज़ :

अदालत ने वकीलों को एमएसएमई कानून के तहत पेशेवर मानने संबंधी याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब

By भाषा | Updated: August 26, 2021 14:42 IST

Open in App

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पेशेवरों की परिभाषा में वकीलों को शामिल करने की मांग वाली जनहित याचिका (पीआईएल) पर बृहस्पतिवार को केंद्र से जवाब मांगा ताकि वे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास अधिनियम, 2006 के तहत विभिन्न योजनाओं का लाभ ले सकें। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने मामले में अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को तय करते हुए केंद्र को नोटिस जारी किया और उसे अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता अभिजीत मिश्रा ने तर्क दिया कि एमएसएमई मंत्रालय अधिनियम के तहत विभिन्न योजनाओं के लिए अधिवक्ताओं को पात्र पेशेवर नहीं मानता है। याचिका में कहा गया है कि एमएसएमई अधिनियम के तहत वस्तु एवं सेवा कर पहचान संख्या (जीएसटीआईएन), व्यापार पैन या कर कटौती एवं संग्रह खाता संख्या (टीएएन) होने का पात्रता मानदंड विकास योजनाओं तक पहुंचने के लिए अनिवार्य आवश्यकता अधिवक्ताओं के कल्याण के खिलाफ है। उच्च न्यायालय ने पिछले साल इसी तरह की उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा था कि वह इस पर विचार नहीं करना चाहता और जब कोई वकील याचिका दायर करेगा तब हम इस पर गौर करेंगे। मिश्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह इस समय कानून के छात्र हैं जबकि दूसरी याचिकाकर्ता पायल बहल वकालत कर रही हैं।याचिका में दावा किया गया कि वकीलों द्वारा अपने ग्राहकों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं के आधार पर, उन्हें एमएसएमई अधिनियम में दी गई उद्यम की परिभाषा के तहत माना जा सकता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

बॉलीवुड चुस्कीरिलीज के 20 साल बाद?, रैपर यो यो हनी सिंह और बादशाह के 'अश्लील और अपमानजनक' गाने को हटाने का निर्देश, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा-‘अंतरात्मा पूरी तरह से झकझोर’ दी?

भारतदिल्ली हाईकोर्ट ने तमिल मीडिया हॉउस 'नक्कीरन' को ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाने को कहा

भारतदिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत 12 लोगों को जारी किया नोटिस, आबकारी नीति मामले में सीबीआई ने दायर की याचिका

क्राइम अलर्टविवाह का वादा कर शारीरिक संबंध बनाना और कुंडली मिलान न होने के कारण शादी से इनकार पर लागू होगी धारा 69

भारतघर के बगल में सार्वजनिक मूत्रालय और कूड़ेदान का होना संविधान के तहत स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन?

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?