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हवा के माध्यम से फैलता है कोरोना वायरस, लैंसेट अध्ययन में चौंकाने वाले दावे...

By भाषा | Updated: April 17, 2021 10:19 IST

देश में एक दिन में कोविड-19 संक्रमण के 2,34,692 नए मामले सामने आए, 1,341 और मरीजों की मौत। कुल मामले बढ़कर 1,45,26,609 हुए वहीं मृतकों की संख्या 1,75,649 पर पहुंची।

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ठळक मुद्देब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा के वैज्ञानिकों ने दावा किया है।भारत में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 16,79,740 हुयी।अब तक 1,26,71,220 लोग ठीक हो चुके हैं।

नई दिल्लीः लैंसेट पत्रिका में शुक्रवार को प्रसारित एक नयी अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया कि इस बात को साबित करने के मजबूत साक्ष्य हैं कि कोविड-19 महामारी के लिए जिम्मेदार सार्स-कोव-2 वायरस मुख्यत: हवा के माध्यम से फैलता है।

कोविड-19 संक्रमण के लिए जिम्मेदार वायरस सार्स कोव-2 इस मर्तबा हवा पर सवार है। ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा से ताल्लुक रखनेवाले छह विशेषज्ञों के इस आकलन में कहा गया है कि बीमारी के उपचार संबंधी कदम इसलिए विफल हो रहे हैं क्योंकि वायरस मुख्यत: हवा से फैल रहा है।

अमेरिका स्थित कोलराडो बाउल्डेर विश्वविद्यालय के जोस लुई जिमेनजे ने कहा, ‘‘वायरस के हवा के माध्यम से फैलने के मजबूत साक्ष्य हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों के लिए यह आवश्यक है कि वे वायरस के प्रसार के वैज्ञानिक साक्ष्य को स्वीकार करें जिससे कि विषाणु के वायुजनित प्रसार को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।’’

ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा के छह वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन में इस बात के पक्के सबूत मिले हैं कि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन हवा के जरिए तेजी से फैल रहा है. इतना ही नहीं वायरसर का ट्रांसमिशन बाहर या खुले स्थानों के मुकाबले बंद जगहों पर ज्यादा हो रहा है. यह शोध मेडिकल जर्नल लेंसेट में प्रकाशित हुए है।

वैज्ञानिकों के समूह ने इस बात को भी रेखांकित किया है कि बिना लक्षण वाले ऐसे लोगों की संक्रमण फैलाने में कम से कम 40% हिस्सेदारी है, जो खांसते या छींकते नहीं हैं. यह साइलेंट ट्रांसमिशन संक्रमण फैलने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है, जो कि वायु जनित संचरण को बल देता है. शोधकर्ताओं ने तर्क दिया कि होटलों में साथ जुड़े कमरों में मौजूद उन लोगों के बीच भी संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा, जो कभी साथ नहीं आए।

वैज्ञानिकों के समूह में कोऑपरेटिव इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन एनवायरमेंट साइंसेज (सीआईआरईएस) के केमिस्ट जोस- लुइस जिमेनेज भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि डब्ल्युएचओ और जन स्वास्थ्य के लिए काम करने वाली अन्य एजेंसियों को इन वैज्ञानिक सबूतों को अपनाना चाहिए, ताकि वायु जनित संक्रमण को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकें।

यूं बचा जा सकता है वायुजनित संक्रमण को रोकने के उपायों में वेंटिलेशन, एयर फिल्ट्रेशन शामिल है। भीड़ में कम रहें, बंद स्थानों (सभागृह, बस आदि) में बिताए जाने वाले समय में कमी करें. बंद स्थान पर लोगों के साथ रहते हुए भी मास्क का इस्तेमाल करें।

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