तलवारों के बजाय अन्य तरीकों से भारत के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं : प्रधानमंत्री मोदी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 11, 2026 17:02 IST2026-01-11T17:02:55+5:302026-01-11T17:02:55+5:30

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित ऐतिहासिक मंदिर पर अतीत में हुए हमलों और हर बार इसके पुनर्निर्माण का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि लोगों का दिल तलवार की नोक पर कभी नहीं जीता जा सकता। 

Conspiracies are being hatched against India using methods other than swords: Prime Minister Modi | तलवारों के बजाय अन्य तरीकों से भारत के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं : प्रधानमंत्री मोदी

तलवारों के बजाय अन्य तरीकों से भारत के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं : प्रधानमंत्री मोदी

सोमनाथ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि आजादी के बाद गुजरात में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकतें ‘‘हमारे बीच अब भी सक्रिय हैं’’ और भारत को उन्हें हराने के लिए सतर्क, एकजुट तथा शक्तिशाली बने रहने की जरूरत है। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित ऐतिहासिक मंदिर पर अतीत में हुए हमलों और हर बार इसके पुनर्निर्माण का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि लोगों का दिल तलवार की नोक पर कभी नहीं जीता जा सकता। 

उन्होंने कहा कि सोमनाथ का 1,000 वर्षों का इतिहास विनाश और पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निर्माण का है। वह सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में आयोजित एक विशाल सभा को संबोधित कर रहे थे, जो भारतीय सभ्यता के लचीलेपन को चिह्नित करने के लिए यहां आयोजित किया गया था, जिसका प्रतीक सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण है, जिसे 1026 ईस्वी में महमूद गजनी के आक्रमण से शुरू होकर विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा बार-बार तबाह किया गया था। 

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के एक बयान के अनुसार, सदियों पहले इस मंदिर को नष्ट करने के कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज विश्वास, साहस और राष्ट्रीय गर्व के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है। यह सब इसे इसकी प्राचीन महिमा में बहाल करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों के कारण संभव हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर हमले नफरत से प्रेरित थे, लेकिन इसे केवल लूटपाट के रूप में पेश करने की कोशिश की गई। 

उन्होंने कहा, ‘‘धार्मिक उद्देश्य को छुपाने के लिए किताबें लिखी गईं, जिनमें इसे महज सामान्य लूटपाट के रूप में दर्शाया गया। सोमनाथ मंदिर को बार-बार नष्ट किया गया। यदि आक्रमण केवल लूटपाट के लिए होते, तो 1,000 साल पहले हुई पहली बड़ी लूट के बाद ही वे रुक गए होते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सोमनाथ के पवित्र देवता का अपमान किया गया। मंदिर के स्वरूप को ही बदलने के बार-बार प्रयास किए गए। और हमें यह सिखाया गया कि सोमनाथ को लूट के लिए नष्ट किया गया था। नफरत, अत्याचार और आतंक का सच्चा इतिहास हमसे छुपाया गया।’’ 

मोदी ने कहा कि जो व्यक्ति अपने धर्म के प्रति सच्चे भाव रखता है, वह ऐसी चरमपंथी विचारधारा का समर्थन नहीं करेगा। हालांकि, तुष्टीकरण में लिप्त लोग ऐसे धार्मिक चरमपंथ के आगे घुटने टेक देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उनके रास्ते में बाधाएं डाली गईं और जब भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद 1951 में पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के लिए यहां आए, तब भी आपत्तियां उठाई गईं। 

उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से, सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकतें अब भी हमारे देश में मौजूद हैं और वे बहुत सक्रिय हैं। तलवारों के बजाय अन्य तरीकों से भारत के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं।’’ मोदी ने कहा, ‘‘इसीलिए हमें सतर्क और एकजुट रहने की जरूरत है। हमें खुद को और अधिक शक्तिशाली बनाना होगा, ताकि हम उन ताकतों को हरा सकें, जो हमें बांटने की साजिश रच रही हैं।’’ 

उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर कई बार हमले हुए, जिनकी शुरुआत 1026 में महमूद गजनी के हमले से हुई और 17वीं और 18वीं शताब्दी में मुगल शासक औरंगजेब के हमलों तक जारी रही। उन्होंने कहा कि महमूद बेगड़ा और औरंगजेब ने आक्रमण के दौरान मंदिर को मस्जिद में बदलने की कोशिश भी की। लेकिन हर हमले के बाद मालवा की रानी अहिल्याबाई होलकर सहित भगवान शिव के भक्तों द्वारा मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। 

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘दूसरों को नष्ट करके उन्नति करने वाली सभ्यताएं अंततः स्वयं को ही नष्ट कर लेती हैं। सोमनाथ जैसे तीर्थस्थलों ने हमें सिखाया है कि सृजन का मार्ग लंबा है, लेकिन यह शाश्वत मार्ग भी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सोमनाथ का इतिहास हमारे पूर्वजों की वीरता का गीत है। यह उनके बलिदान और समर्पण का प्रमाण है।’’ उन्होंने कहा कि आततायी अब इतिहास के पन्नों में सिमट गए हैं, लेकिन सोमनाथ मंदिर आज भी शान से खड़ा है। 

मोदी ने कहा कि जिस प्रकार मंदिर को नष्ट करने की कोशिश की गई, उसी तरह विदेशी आक्रमणकारियों ने कई सदियों तक भारत को तबाह करने का प्रयास किया, लेकिन न तो सोमनाथ झुका और न ही देश। उन्होंने कहा, ‘‘आततायियों ने सोचा कि मंदिर को नष्ट करके उन्होंने जीत हासिल कर ली है, लेकिन 1000 साल बाद भी सोमनाथ का झंडा शान से लहरा रहा है।’’ 

उन्होंने कहा कि विश्व के इतिहास में इन 1,000 वर्षों के संघर्ष की कोई बराबरी नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘आक्रमणकारी आते रहे और धर्म पर आतंकी हमले जारी रहे। लेकिन हर दौर में सोमनाथ का पुनर्निर्माण हुआ। सदियों तक चलने वाला ऐसा संघर्ष, ऐसा लंबा प्रतिरोध और अपनी संस्कृति में ऐसी अटूट आस्था - विश्व इतिहास में इसकी तुलना करना मुश्किल है।’’ 

मोदी ने कहा कि वीर हमीरजी गोहिल और वेगडाजी भील जैसे कई वीरजनों ने सोमनाथ मंदिर को आक्रमणकारियों से बचाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, दुर्भाग्य से उन्हें उनका उचित श्रेय और महत्व नहीं दिया गया। वास्तव में कुछ इतिहासकारों और नेताओं ने तो इन आक्रमणों के इतिहास को छिपाने का भी प्रयास किया।’’ 

इससे पहले, प्रधानमंत्री ने ‘शौर्य यात्रा’ का नेतृत्व किया। इसका आयोजन सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए किया गया। इस यात्रा में 108 अश्वों की झांकी निकाली गई, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए शंख सर्कल से वीर हमीरजी गोहिल सर्कल तक यात्रा मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग और श्रद्धालु एकत्र हुए थे। 

उन्होंने ऐतिहासिक मंदिर में पूजा-अर्चना भी की और सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी, जिनकी प्रतिमा मंदिर परिसर के पास स्थापित है। युवा पुजारियों का एक समूह, जिन्हें ‘ऋषि कुमार’ भी कहा जाता है, मोदी के वाहन के साथ-साथ चलते हुए भगवान शिव का वाद्ययंत्र ‘डमरू’ बजा रहा था। एक समय ऐसा भी आया, जब मोदी ने स्वयं एक पुजारी से दो डमरू लिए और अपने वाहन पर खड़े होकर उन्हें बजाया। 

Web Title: Conspiracies are being hatched against India using methods other than swords: Prime Minister Modi

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे