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अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर रामलीला मैदान में 14 दिसंबर को मोदी सरकार के खिलाफ हुंकार भरेगी कांग्रेस

By शीलेष शर्मा | Updated: December 13, 2019 05:48 IST

नागरिकता संशोधन कानून के पारित होते ही सोनिया गांधी ने एक बयान जारी कर इस बात के साफ संकेत दे दिये कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा और उसके नेतृत्व वाली सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ेगी.

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ठळक मुद्देदेश में गिरती अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस शनिवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन कर रही है.‘भारत बचाओ’ रैली के लिए देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों को लाने की तैयारी शुरू हो गई है. 

देश में गिरती अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस शनिवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन कर रही है. ‘भारत बचाओ’ रैली के लिए देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों को लाने की तैयारी शुरू हो गई है. 

कांग्रेस की यह रैली सरकार के खिलाफ पहली बानगी होगी. क्योंकि कांग्रेस नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ समूचे विपक्ष को लामबंद कर व्यापक विरोध प्रदर्शन की भी तैयारी कर रही है. जहां एक ओर कांग्रेस अदालत में इस विधेयक को चुनौती देने जा रही है वहीं दूसरी ओर सड़कों पर वह शक्ति प्रदर्शन के जरिए अपना विरोध जताएगी.

नागरिकता संशोधन कानून के पारित होते ही सोनिया गांधी ने एक बयान जारी कर इस बात के साफ संकेत दे दिये कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा और उसके नेतृत्व वाली सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ेगी. सोनिया गांधी ने इसे संविधान के काले दिवस के रुप में याद किये जाने की बात कहकर इसे कट्टरवादियों की जीत बताया. उन्होंने आश्चर्य जताया कि मोदी सरकार यह विधेयक उस समय लायी है जब देश बापू की 150 जयंती मना रहा है.

शनिवार को होने वाली रैली में भी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमला बोलेगी. हालांकि प्रारंभ में इस रैली का मकसद अर्थव्यवस्था को लेकर जनता के गुस्से का इजहार करना था. लेकिन अब अन्य मुद्दों के साथ-साथ नागरिकता    संशोधन कानून को भी उसके दायरे में शामिल कर लिया है. 

पार्टी के नेता मुकुल वासनिक ने दावा किया कि 14 दिसंबर की भारत बचाओ रैली रामलीला मैदान में अब तक हुई रैलियों से बहुत बड़ी होगी, जो यह साबित करेगी कि कांग्रेस जमीनी स्तर पर आज भी मजबूत है. साथ ही यह संदेश भी देना चाहेगी कि पार्टी अब संघर्ष की मुद्रा में है और अब अपना कदम पीछे नहीं खीचेगी.

टॅग्स :कांग्रेसभारतीय अर्थव्यवस्थानागरिकता संशोधन बिल 2019
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