लाइव न्यूज़ :

Madhya Pradesh: राज्य कैबिनेट के 'महाकाल लोक' नामकरण पर कांग्रेस को आपत्ति, कहा- मंत्रिमंडल में नाम बदलकर स्कंद पुराण का अपमान किया

By बृजेश परमार | Updated: September 27, 2022 21:32 IST

कांग्रेस ने कहा, प्रदेश कैबिनेट ने "महाकाल वन" का "महाकाल लोक" नाम बदलकर स्कंद पुराण का अपमान किया है। पुराणों से विपरीत छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं होगी।

Open in App
ठळक मुद्देकांग्रेस विधायक ने कहा- गलती सुधारने के लिए प्रधानमंत्री को 'स्कंद पुराण' भेजेंगे  कांग्रेस ने कहा- राज्य कैबिनेट ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए पुराणों का अपमान किया

उज्जैन: मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक यहां उज्जैन में संपन्न हुई जिसमें महाकाल कॉरिडोर को लेकर निर्णय हुआ कि उसका नाम महाकाल लोक रखा जाएगा। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने इस निर्णय पर गहरी आपत्ति जताई और  माना है कि मध्यप्रदेश कैबिनेट ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए पुराणों का अपमान किया है।

कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि "महाकाल वन" ही पौराणिक है, "महाकाल लोक" नाम बदलकर स्कंद पुराण का अपमान मध्य प्रदेश कैबिनेट ने किया है। पुराणों से विपरीत छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं होगी। 

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विवेक गुप्ता एडवोकेट ने आरोप लगाते हुए कहा कि बाबा महाकाल के तीर्थ क्षेत्र का नाम का वर्णन और उल्लेख सनातन धर्म के प्रमुख 18 महापुराण में एक "स्कंद पुराण के अवंत्य खंड के अवंती महात्मय में स्पष्ट है। यह तीर्थ क्षेत्र का पौराणिक महत्व है  और  "महाकाल वन" तीर्थ क्षेत्र ही है ,जो 4 कोस तक के दायरे मे है।

उन्होंने आगे कहा कि "महाकाल वन" क्षेत्र पापों का शमन करने वाला है इस तीर्थ क्षेत्र की महिमा पुराणों में वर्णित है। तत्कालीन केंद्र में कांग्रेस की सरकार ने महाकाल वन क्षेत्र के नाम से ही इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। 

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, श्री महाकाल तीर्थ के विकास के कार्य उस दौर में शुरू हो चुके थे। उद्देश्य भी पौराणिक महत्व का क्षेत्र विकसित करना था किंतु धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश सरकार ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए महाकाल तीर्थ क्षेत्र के विकास के कार्यों (कॉरिडोर) का अनावरण कराने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 11 अक्टूबर को बुलाया जा रहा है और पौराणिक महत्व के महाकाल वन क्षेत्र का नाम बदलकर 'महाकाल लोक 'किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व समस्त मप्र कैबिनेट के द्वारा सनातन धर्म के पौराणिक महत्व के वज़ूद मिटाने का कांग्रेस विरोध करती है क्योंकि यह समूचे विश्व में मौजूद असंख्य महाकाल भक्तों की आस्था पर गहरा आघात है। महापुराणों और उनके रचयिता ऋषि मुनियों के ज्ञान वर्णन का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। 

कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा है कि, मप्र कैबिनेट के निर्णय की गलती सुधारने के लिए प्रधानमंत्री को "स्कंद पुराण" भेजा जाएगा अन्यथा आगामी वर्ष में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर महाकाल लोक का नाम बदलकर पौराणिक महत्व के "महाकाल वन "ही रखा जाएगा।

टॅग्स :मध्य प्रदेशकांग्रेसशिवराज सिंह चौहान
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारतबिहार चुनावः 2026 में 17 सीट खाली, राज्यसभा के बाद MLC इलेक्शन में भी तेजस्वी यादव को लगेगा झटका, 1 सीट के लिए 25 विधायक?

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील