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कांग्रेस ने मप्र में पुलिस हिरासत में आदिवासी युवक की मौत के मामले की सीबीआई जांच की मांग की

By भाषा | Updated: September 11, 2021 19:04 IST

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भोपाल, 11 सितंबर मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में हाल ही में 35 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले की कांग्रेस ने सीबीआई से जांच कराने मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी की जांच समिति इस नतीजे पर पहुंची है कि आदिवासी युवक की मौत पुलिस प्रताड़ना से हुई है।

प्रदेश की पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस की वरिष्ठ विधायक डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने शनिवार को यहां प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा, ‘‘कांग्रेस की जांच कमेटी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि बिसन की मृत्यु पुलिस प्रताड़ना से हुई है।’’

उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए तथा मामले की गंभीरता और प्रदेश शासन के आदिवासी विरोधी रवैये को देखते हुए मामले की जांच सीबीआई से करायी जानी चाहिए।

मालूम हो कि प्रदेश के खरगोन जिले में डकैती के मामले में गिरफ्तार 35 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत के बाद गुस्साए आदिवासियों की भीड़ ने सात सितंबर की सुबह बिस्टान थाने पर कथित तौर पर पथराव किया था जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। मामले में प्रदेश सरकार ने चार पुलिसकर्मियों और एक जेल अधीक्षक को निलंबित किया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ के नेतृत्व में आदिवासी विधायकों की एक जांच समिति का गठन किया था। समिति में ग्यारसीलाल रावत, पांचीलाल मेड़ा, बालसिंह मेड़ा, मुकेश पटेल को सदस्य बनाया गया था। समिति ने नौ सितम्बर को बिसन के गांव पहुंचकर ग्रामवासियों और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जांच की।

जांच का ब्योरा देते हुए साधौ ने कहा कि मृतक आदिवासी युवक बिसन के पुत्र मिथुन ने समिति को बताया कि जब वह थाने गया तो उसे अपने पिता से मिलने और भोजन देने से रोक दिया गया और उसके सामने ही पुलिसने उसके पिता को बेल्ट और पाइप से बुरी तरह पीटा। मिथुन ने बताया कि बिसन को चार दिन तक खाना नहीं दिया गया। गांव के सरपंच और पटेल ने भी पुलिस द्वारा युवक के साथ मारपीट की पुष्टि की।

उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक का यह दावा कि बिसन के शरीर पर लगे जख्म पुराने हैं, लेकिन यह दावा स्वीकार करने योग्य नहीं है, और अगर यह पुरानी चोट थी तो पुलिस को उसे अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए था।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी की जांच समिति का निष्कर्ष है कि बिसन की मौत पुलिस प्रताड़ना से हुई है और यह हत्या है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर पार्टी ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

कांग्रेस ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग सरकार से की।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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