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CAA Protest: पीएम मोदी ने कहा- एक बार जब हाथ में तिरंगा आ जाता है, वह कभी हिंसा नहीं कर सकता

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 22, 2019 20:28 IST

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि एक बार जब हाथ में तिरंगा आ जाता है तो वो फिर कभी हिंसा और बांटने की राजनीति का समर्थन नहीं कर सकता है। यह तिरंगा इन लोगों को हिंसा फैलाने वालों और आतंकवादी हमले करने वालों के खिलाफ भी आवाज उठाने के लिये प्रेरित करेगा। 

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ठळक मुद्देप्रधानमंत्री ने कहा कि एक झूठ फैलाया जा रहा है कि यह सरकार लोगों के अधिकार को छीनने के लिए एक कानून लेकर आई है।देश की जनता द्वारा नकार दिए गए दलों ने गलत इरादे से नापाक खेल है और ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है।

रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नागरिकता कानून और प्रस्तावित एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) का भारतीय मुस्लिमों से कुछ लेना देना नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि एक बार जब हाथ में तिरंगा आ जाता है तो वो फिर कभी हिंसा और बांटने की राजनीति का समर्थन नहीं कर सकता है। यह तिरंगा इन लोगों को हिंसा फैलाने वालों और आतंकवादी हमले करने वालों के खिलाफ भी आवाज उठाने के लिये प्रेरित करेगा। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक झूठ फैलाया जा रहा है कि यह सरकार लोगों के अधिकार को छीनने के लिए एक कानून लेकर आई है। मोदी ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वाले और खुद को भारत का भाग्य विधाता मानने वाले और देश की जनता द्वारा नकार दिए गए दलों ने गलत इरादे से नापाक खेल है और ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ ये कानून :नागरिकता: उन लोगों पर लागू होगा जो बरसों से भारत में ही रह रहे हैं। किसी नए शरणार्थी को इस कानून का फायदा नहीं मिलेगा। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना की वजह से आए लोगों को सुरक्षा देने के लिए यह कानून हैं।’’ मोदी ने कहा कि ये संसद में बोला गया है। इस कानून का इस देश के अंदर रह रहे 130 करोड़ लोगों से कोई वास्ता नहीं है।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख साथियों को जब लगे कि उन्हें भारत आना चाहिए तो उनका स्वागत है। ये रियायत तब की भारत की सरकार के वादे के मुताबिक है। मोदी ने कहा कि एनआरसी हमने तो बनाया नहीं, कैबिनेट में आया नहीं, संसद में आया नहीं। झूठ का हौवा खड़ा किया जा रहा है।

मोदी ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, माकपा नेता प्रकाश करात सहित कुछ अन्य दलों के नेताओं द्वारा पूर्व में दिये गए बयानों का हवाला देते हुए कहा कि इन्होंने पहले इसके पक्ष में बातें कही थी। कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वाले और खुद को भारत का भाग्य विधाता मानने वाले, आज जब देश की जनता द्वारा नकार दिए गए हैं, तो इन्होंने अपना पुराना हथियार निकाल लिया है- बांटों, भेद करो और राजनीति का उल्लू सीधा करो।

उन्होंने कहा कि 100 वर्ष पुराने राजनीतिक दलों से जुड़े नेता शांति के लिये एक आवाज उठाने को तैयार नहीं है और मौन रहकर पुलिसकर्मियों एवं अन्य लोगों पर हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं । प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जो लोग कागज-कागज, सर्टिफिकेट-सर्टिफिकेट के नाम पर मुस्लिमों को भ्रमित कर रहे हैं, उन्हें ये याद रखना चाहिए कि हमने गरीबों की भलाई के लिए, योजनाओं के लाभार्थी चुनते समय कभी कागजों की बंदिशें नहीं लगाईं।

 

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