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BJP नेता ने राहुल गांधी को मानसिक रोगी कहकर किया संबोधित, कहा-मूर्ख हैं जो देख रहे हैं PM बनने का सपना

By भाषा | Updated: September 12, 2018 18:07 IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने क्षमता विकास योजना को 2,250 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ 2017-18 से आगे 2019-20 की अवधि तक जारी रखने को अपनी मंजूरी दी ।

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नई दिल्ली, 12 सितंबर: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को क्षमता विकास योजना को 2017-18 से आगे 2019-20 तक जारी रखने को मंजूरी प्रदान कर दी ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने क्षमता विकास योजना को 2,250 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ 2017-18 से आगे 2019-20 की अवधि तक जारी रखने को अपनी मंजूरी दी ।

उल्लेखनीय है कि क्षमता विकास योजना सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की जारी केन्द्रीय योजना है । इस योजना का उद्देश्य नीति निर्माताओं तथा लोगों के लिए विश्वसनीय और समय पर सरकारी सांख्यिकी उपलब्ध कराने के लिए संरचनात्मक, तकनीकी और मानव संसाधन को मजबूत बनाना है।

क्षमता विकास योजना के तहत सकल घरेलू उत्पाद :जीडीपी:, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई), औद्योगिक उत्पादन सूचकाकं (आईआईपी), सांख्यिकीय वर्गीकरण, विभिन्न सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करने, क्षमता सृजन तथा सांख्यिकी समन्वय को मजबूत बनाने के साथ आईटी अवसंरचना में सुधार करने जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां चलाई जा रही हैं।

इस योजना के अंतर्गत अप्रैल 2017 में सामयिक श्रम बल सर्वेक्षण तथा पूरे देश के लिए (शहरी और ग्रामीण क्षेत्र) श्रम डाटा एकत्रितकरण कार्य लांच किया गया।

क्षमता विकास योजना के तहत दो उप-योजनाएं हैं जिनमें आर्थिक गणना और सांख्यिकीय मजबूती के लिए समर्थन (एसएसएस) शामिल है । 

आर्थिक जनगणना के अंतर्गत समय-समय पर सभी गैर-कृषि प्रतिष्ठानों को सूचीबद्ध करने का काम किया जाता है जो विस्तृत सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करने का आधार होता है। अंतिम आर्थिक गणना जनवरी 2013 से अप्रैल 2014 तक की गई और अब भविष्य में सरकार का इरादा तीन वर्ष में एक बार सर्वेक्षण कराने का है।

एसएसएस उप-योजना राज्य/उप-राज्य स्तर के सांख्यिकीय प्रणालियों/अवसंरचना मजबूत करने के लिए है ताकि मजबूत राष्ट्रीय प्रणाली विकसित करने में सहायता मिल सके। राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रस्ताव के विस्तृत परीक्षण के बाद राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को कोष जारी किए जाते है।

टॅग्स :भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)राहुल गांधी
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