Bihar: Jitan Ram Manjhi left Grand Alliance speculation starts to go with the NDA | बिहार: जीतन राम मांझी ने छोड़ा महागठबंधन का साथ, एनडीए के साथ जाने की लग रही हैं अटकलें
झारखंड और बिहार में 'हम' के अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान (फाइल फोटो)

Highlightsजीतनराम मांझी का ऐलान- झारखंड और बिहार चुनाव में अकेले लड़ेगी पार्टी चुनावमांझी के एनडीए के साथ जाने की भी लग रही हैं अटकलें, भाजपा नेताओं से मिलने-जुलने का सिलसिला बढ़ा

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्यूलर) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने महागठबंधन से अलग होने का ऐलान किया है। इसके साथ इस बात की भी अटकलें शुरू हो गई हैं कि वे एनडीए के साथ जा सकते हैं। मांझी ने महागठबंधन में समन्वय समिति नहीं होने और सर्वसम्मति से निर्णय नहीं होने का आरोप लगाते हुए ऐलान कर दिया है कि वह बिहार और झारखंड में अकेले दम पर चुनाव लडेंगे. 

ऐसे में मांझी के इस निर्णय के बाद से उनके भाजपा-राजग के साथ जाने की अटकलें लगाई जाने लगी हैं. ऐसा इसलिए कि महागठबंधन से अलग होने की मांझी की घोषणा के साथ ही भाजपा नेताओं का उनसे मिलने-जुलने का सिलसिला बढ गया है. 

भाजपा के विधान पार्षद संजय पासवान ने गुरुवार को मांझी से मुलाकात की थी. इसके बाद शुक्रवार को भाजपा विधायक रामप्रीत पासवान भी उनके घर उनसे मिलने पहुंचे. हालांकि इस दौरान दोनों के बीच क्या बातें हुईं इसको लेकर कुछ खुलासा नहीं हुआ है. हालांकि भाजपा नेताओं से मुलाकात पर मांझी ने सफाई देते हुए कहा है कि इसमें कोई राजनीतिक बात नहीं है. ये लोग व्यक्तिगत कारणों से मिलने आए थे और मैं एनडीए में शामिल नहीं हो रहा हूं. 

बिहार-झारखंड में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान

महागठबंधन से अलग होने के बाद 'हम' ने ऐलान किया है कि बिहार और झारखंड विधानसभा का चुनाव पार्टी अपने दम पर अकेले ही लडेगी. जीतनराम मांझी ने आरोप लगाया है कि उनके बार-बार कहने के बाद भी महागठबंधन में को-ऑर्डिनेशन कमेटी का गठन नहीं हो पाया. इस वजह से गठबंधन के सहयोगियों में तालमेल का अभाव है. ऐसी स्थिति में अकेले चुनाव लडना ही बेहतर होगा.

उन्‍होंने कहा है कि बिहार के साथ ही झारखंड विधानसभा चुनाव में भी पार्टी स्वतंत्र रूप से किस्मत आजमाएगी. झारखंड विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से कौन-कौन प्रत्याशी होंगे इसका फैसला 10 नवंबर को लिया जाएगा. 
झारखंड चुनाव की आगे की गतिविधियां संचालित करने के लिए उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव संतोष कुमार सुमन को अधिकृत किया है. मांझी ने बताया कि बिहार में एनआरसी लागू होने की स्थिति में दलित-मुस्लिम एकता कायम करने के लिए पार्टी कार्य करेगी. 

मांझी ने सदस्यता अभियान जारी रखते हुए 30 दिसंबर तक हर हाल में बूथ स्तरीय कमेटी गठित करने की भी बात कही. ऐसा नहीं करने वाले नेता 30 दिसंबर के बाद अध्यक्ष नहीं रहेंगे. इसतरह से अब महागठबंधन से बाहर आने के बाद अब सबकी निगाहें जीतन राम मांझी के अगले कदम पर टिक गई हैं. 

बता दें कि बिहार में वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में जीतन राम मांझी ने भाजपा के साथ ही मिलकर चुनाव लडा था और वह अकेले चुनाव जीतने में सफल रहे थे. ऐसे में अब यह कयास लगाये जाने लगे हैं कि बिहार में अगले विधानसभा चुनाव से पहले जीतन राम मांझी एकबार फिर से राजग का हिस्सा बन सकते हैं.


Web Title: Bihar: Jitan Ram Manjhi left Grand Alliance speculation starts to go with the NDA
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