लाइव न्यूज़ :

पूर्णिया और दरभंगा में पीएफआई पर कार्रवाई, ED ने कई घंटे की छापेमारी, दिल्ली हिंसा और हाथरस मामले में आया था नाम

By एस पी सिन्हा | Updated: December 3, 2020 19:19 IST

बिहार के दरभंगा और पूर्णिया में प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की. सुबह ही दरभंगा में सिंहवाड़ा थाने के शंकरपुर गांव पहुंचकर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के बिहार के जनरल सेक्रेटरी के घर पर रेड.

Open in App
ठळक मुद्देनौ राज्यों में पीएफआई के कम से कम 26 परिसरों पर बृहस्पतिवार को छापे मारे. गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. संगठन के कई अन्य पदाधिकारियों के परिसरों पर भी छापे मारे जा रहे हैं.

पटनाः बिहार के दरभंगा और पूर्णिया में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम छापेमारी कर रही है. दरभंगा में सिंहवाड़ा थाने के शंकरपुर गांव पहुंचकर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के बिहार के जनरल सेक्रेटरी मो. आकिब के घर पर ईडी छापेमारी कर रही है.

इसतरह से बिहार में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के दो दफ्तर पर आज ईडी ने छापेमारी कर रही है. ईडी की यह छापेमारी पीएफआई के दरभंगा और पूर्णिया ऑफिस पर हुआ है. ईडी की टीम की छापेमारी दोनों जिलों में पीएफआई के सदस्यों के बीच हड़कंप मच गया है. अधिकारी फिलहाल कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं.

दरभंगा और पूर्णिया में पीएफआई के दफ्तर पर छापेमारी की

प्राप्त जानकारी के अनुसार आज ईडी की टीम ने दरभंगा और पूर्णिया में पीएफआई के दफ्तर पर छापेमारी की है. यह छापेमारी लंबे समय से चल रही है. छापेमारी के साथ ही ईडी की टीम पूछताछ भी कर रही है. यहां बता दें कि हाथरस मामले के बाद पीएफआई विवादों में आया था.

बीते दिनों इस मामले में पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया या पीएफआई से कथित रूप से संबंध रखने के आरोप में चार व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के साथ ही गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.

देशव्यापी विरोध के लिये धन मुहैया कराने के आरोप लग चुके हैं

पीएफआई पर पहले भी इस साल के शुरू में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशव्यापी विरोध के लिये धन मुहैया कराने के आरोप लग चुके हैं. इसतरह से कुछ खास तरह के मुद्दों पर पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया की सक्रियता देश की सुरक्षा एजेंसियों को खटकने लगी है. पीएफआई की देश भर में सक्रियता इस बार जांच के दायरे में है. आंदोलनों के लिए आनन-फानन फंड जुटाने की उसकी शैली की भी जांच की जा रही है. अनैतिक तरीके से जुटाए गए फंड की रकम जब्त भी की जा सकती है.

ईडी के सूत्रों के बताया कि विदेशों से सहयोग करने वाले भी नहीं बच पाएंगे. ऐसे सभी श्रोतों का पता लगाया जा रहा है, जहां से फंडिंग की गई है. ईडी की टीमें ‘कार्ड डॉट को’ नामक उस वेबसाइट की भी जांच कर रहे हैं, जिसके जरिए धन जुटाने का प्रयास किया गया. इस वेबसाइट के माध्यम से राष्ट्र विरोधी दुष्प्रचार भी किए जाते रहे हैं.

यहां उल्लेखनीय है कि तीन तलाक, अनुच्छेद-370 की समाप्ति और एनआरसी के नाम पर हुए आंदोलनों में भी पीएफआई ने संगठित तरीके से अभियान चलाया था. ईडी यह पता कर रही है कि इस वेबसाइट के माध्यम से अब तक कितना फंड जुटाया गया है? यह भी पता किया जा रहा है कि फंड का इस्तेमाल कहां किया गया है किन-किन के खाते में भेजा गया है?

ईडी ने धनशोधन मामले में पीएफआई के खिलाफ देशभर में छापे मारे

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के एक मामले की जांच के तहत ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) के अध्यक्ष ओ एम अब्दुल सलाम और उसके केरल राज्य प्रमुख नसरुद्दीन एलामारोम के परिसरों समेत नौ राज्यों में पीएफआई के कम से कम 26 परिसरों पर बृहस्पतिवार को छापे मारे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चेन्नई, तेनकासी और मदुरै (तमिलनाडु), बेंगलुरु, दरभंगा और पूर्णिया (बिहार), लखनऊ और बाराबंकी (उत्तर प्रदेश), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), कोलकाता और मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल), जयपुर, दिल्ली के शाहीन बाग क्षेत्र और केरल के कोच्चि, मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम जिलों में धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छापे मारे जा रहे हैं.

सूत्रों ने बताया कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत इन राज्यों के कम से कम 26 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस छापेमारी का मकसद पीएफआई और उससे संबंधित लोगों के खिलाफ धन शोधन के विभिन्न मामलों में जारी जांच के तहत सबूत एकत्र करना है, धन शोधन संबंधी विभिन्न मामलों को एक ही मामले में मिला दिया गया है.

सूत्रों ने बताया कि सलाम और पीएफआई के राष्ट्रीय सचिव एलामारोम तथा संगठन के कई अन्य पदाधिकारियों के परिसरों पर भी छापे मारे जा रहे हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी देश में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों, इस साल फरवरी में दिल्ली में हुए हिंसाऔर कई अन्य घटनाओं को भड़काने को लेकर ‘‘वित्तीय संबंधों’’ के आरोपों की पीएफआई के खिलाफ जांच कर रही है.

टॅग्स :प्रवर्तन निदेशालयबिहारउत्तर प्रदेशदिल्ली
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदिल्ली के स्कूलों में बदले नियम, हीटवेव के चलते बाहर नहीं होगी मॉर्निंग असेंबली, नई गाइडलाइन्स जारी

भारतबिहार में सम्राट सरकार 24 अप्रैल को विधानसभा में साबित करेगी बहुमत, बुलाया गया एक दिवसीय विशेष सत्र

भारतबिहार में पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की घटाई गई सुरक्षा, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को पहली बार दी गई जेड सिक्योरिटी

क्राइम अलर्टMeerut में पनीर के नाम पर जहर! सगे भाइयों की नकली फैक्ट्री का पर्दाफाश

भारतBihar: CM सम्राट चौधरी से मिलने पहुंचे नीतीश कुमार, जानें क्या हुई बातचीत

भारत अधिक खबरें

भारतWatch: 'टुकड़े-टुकड़े कर दूंगा', बंगाल चुनाव से पहले TMC नेता की वोटर्स को धमकी, मचा सियासी बवाल

भारतMalegaon Blast Case: मालेगांव ब्लास्ट के 4 आरोपियों को बॉम्बे हाई कोर्ट ने किया बरी, 20 साल पहले हुए हमले में 37 लोगों की हुई मौत

भारतजम्मू-श्रीनगर के बीच डायरेक्ट वंदे भारत ट्रेन 30 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद, सभी तैयारियां पूरी

भारतPahalgam Attack Anniversary: पहलगाम नरसंहार की बरसी पर उमर अब्‍दुल्‍ला और मनोज सिंन्‍हा, बोले- "हम न भूलेंगे और न माफ करेंगे"

भारतपहलगाम हमले के एक साल: पीएम मोदी ने दी पीड़ितों को श्रद्धांजलि, कहा- "भारत न झुकेगा, न डरेगा"