लाइव न्यूज़ :

बिहार में बुर्का और नकाब पहनकर दुकानों में आने पर प्रतिबंध?, नीरज कुमार ने कहा-धार्मिक पहचान पर रोक लगाना स्वीकार्य नहीं 

By एस पी सिन्हा | Updated: January 8, 2026 15:23 IST

पटनाः नीरज कुमार ने कहा कि सुरक्षा का मानक भले ही आप तय कर लीजिए, लेकिन आप किसी के धर्म से कैसे खिलवाड़ कर सकते हैं? ऐसा नहीं होना चाहिए।

Open in App
ठळक मुद्देखास पहनावे या धार्मिक पहचान पर रोक लगाना स्वीकार्य नहीं है। सुरक्षा को लेकर चिंता है तो वे सुरक्षा के मानक तय कर सकते हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है और सरकार लोगों को पूरी सुरक्षा मुहैया करा रही है।

पटनाः सर्राफा व्यवसायियों के द्वारा बुर्का और नकाब पहनकर दुकानों में आने पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का जदयू ने कड़ा विरोध किया है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने इस फैसले को गलत बताते हुए कहा कि सुरक्षा के नाम पर किसी के धर्म और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर सर्राफा व्यवसायियों को सुरक्षा को लेकर चिंता है तो वे सुरक्षा के मानक तय कर सकते हैं। लेकिन किसी खास पहनावे या धार्मिक पहचान पर रोक लगाना स्वीकार्य नहीं है। 

नीरज कुमार ने कहा कि सुरक्षा का मानक भले ही आप तय कर लीजिए, लेकिन आप किसी के धर्म से कैसे खिलवाड़ कर सकते हैं? ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है और सरकार लोगों को पूरी सुरक्षा मुहैया करा रही है।

उन्होंने तर्क दिया कि आज लोग रात 10 बजे तक भी बेफिक्र होकर खरीदारी कर रहे हैं और कहीं से भी किसी तरह की बड़ी परेशानी की खबर सामने नहीं आ रही है। नीरज कुमार ने नकाब या बुर्का पर बैन को अव्यावहारिक बताते हुए कई उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति किडनी ट्रांसप्लांट करवा चुका है, तो क्या वह मास्क पहनकर बाहर नहीं जाएगा?

उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में लोग हेलमेट, मफलर या अन्य साधनों से चेहरा ढकते हैं। ऐसे में सिर्फ नकाब या बुर्का को निशाना बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले समाज में गलत संदेश देते हैं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

नीरज कुमार के अनुसार सुरक्षा और संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाना जरूरी है, न कि किसी वर्ग विशेष को कठघरे में खड़ा करना। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में कुछ सर्राफा संगठनों ने चोरी और लूट की घटनाओं का हवाला देते हुए दुकानों में नकाब या बुर्का, हेलमेट, घूंघट, फेस मास्क पहनकर प्रवेश पर रोक लगा दी है।

टॅग्स :बिहारगोल्ड रेटपटना
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबिहार के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या हुई 10, कई लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

क्राइम अलर्टबिहार की राजधानी पटना से सटे खगौल में अपराधियों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर स्वर्ण व्यापारियों से लूटा 16 किग्रा सोना

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया