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Bihar assembly elections 2020: सुशील मोदी के पास सियासी धैर्य, नीतीश के बाद सीएम पद के प्रमुख दावेदार!

By प्रदीप द्विवेदी | Updated: October 7, 2020 21:26 IST

नीतीश कुमार और चिराग पासवान के सियासी विवाद पर सुशील मोदी का कहना है कि- रामविलास पासवान केंद्र में मंत्री हैं. वह अभी बीमार हैं, जिसके चलते यह दिन देखना पड़ रहा है. वह स्वस्थ होते तो ऐसा समय नहीं देखना पड़ता.

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ठळक मुद्देबिहार में नीतीश कुमार के बाद सीएम पद के सबसे सशक्त दावेदार मानेजाते हैं.बिहार में एनडीए एकजुट है. यहां एनडीए में भाजपा, जदयू, हम और वीआईपी चार दल हैं. चार दलों के अलावा कोई अन्य पार्टी या निर्दलीय उम्मीदवार प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल न करे.

बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी के पास सियासी धैर्य बहुत बड़ी राजनीतिक ताकत है और यही वजह है कि उन्होंने संघर्ष भी किया और सत्ता भी पाई. वे बिहार में नीतीश कुमार के बाद सीएम पद के सबसे सशक्त दावेदार मानेजाते हैं.

ताजा, नीतीश कुमार और चिराग पासवान के सियासी विवाद पर सुशील मोदी का कहना है कि- रामविलास पासवान केंद्र में मंत्री हैं. वह अभी बीमार हैं, जिसके चलते यह दिन देखना पड़ रहा है. वह स्वस्थ होते तो ऐसा समय नहीं देखना पड़ता.

बिहार में एनडीए एकजुट है. यहां एनडीए में भाजपा, जदयू, हम और वीआईपी चार दल हैं. हम चुनाव आयोग को लिखेंगे कि इन चार दलों के अलावा कोई अन्य पार्टी या निर्दलीय उम्मीदवार प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल न करे. अगर कोई ऐसा करता है तो चुनाव आयोग विधि सम्मत कार्रवाई करे.

सुशील मोदी का यह भी कहना है कि हमारा चुनाव से पहले का गठबंधन है. चुनाव में चाहे जिस पार्टी को जितनी सीट मिलें, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बनेंगे, इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है. हमारा गठबंधन अटूट है. सुशील मोदी नब्बे के दशक में सक्रिय राजनीति में शामिल हो गए और सफलतापूर्वक पटना केंद्रीय विधानसभा से चुनाव लड़ा और जीते. उन्हें भाजपा बिहार विधानसभा दल का मुख्य सचेतक बनाया गया. वर्ष 1996 से 2004 तक वे राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे.

उल्लेखनीय है कि उन्होंने पटना हाईकोर्ट में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ जनहित याचिका दायर की, जो बाद में चारा घोटाले के रूप सवालिया निशान बनी. वे वर्ष 2004 में वह भागलपुर के निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के सदस्य बने. इसके बाद 2005 में बिहार चुनाव में, एनडीए सत्ता में आया और मोदी को बिहार बीजेपी विधानमंडल पार्टी का नेता चुना गया.

इसके बाद उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और बिहार के उप-मुख्यमंत्री बने. वर्ष 2010 में बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद वे उप-मुख्यमंत्री बने रहे. बिहार में इस वक्त सुशील मोदी को नीतीश कुमार के बाद मुख्यमंत्री पद का सबसे सशक्त दावेदार माना जाता है! 

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