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Ayodhya Ram Mandir: "मंदिर समारोह भाजपा और संघ का विशुद्ध राजनीतिक प्रोजेक्ट है", जयराम रमेश ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर साधा निशाना

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: January 18, 2024 07:34 IST

कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित हो रहे राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का राजनैतिक कार्यक्रम बताया है।

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ठळक मुद्देकांग्रेस ने राम मंदिर कार्यक्रम को लेकर भाजपा और संघ पर किया तीखा हमला जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा और संघ चुनावी लाभ के लिए राम मंदिर समारोह कर रहे हैंउन्होंने कहा कि मंदिर समारोह विशुद्ध रूप से भाजपा और आरएसएस का 'राजनीतिक प्रोजेक्ट' है

मोकोकचुंग:कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित हो रहे राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का राजनैतिक कार्यक्रम बताया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार कांग्रेस द्वारा मंदिर समारोह कार्यक्रम का निमंत्रण अस्वीकारने के कुछ बाद पार्टी के मीडिया सेल के प्रभारी जयराम रमेश ने बीते बुधवार को कहा कि मंदिर समारोह विशुद्ध रूप से भाजपा और आरएसएस का 'राजनीतिक प्रोजेक्ट' है।

काग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान मोकोकचुंग में कहा, "भारत में तो हर परिवार के पास एक मंदिर है। मेरे पास भी मंदिर है। अयोध्या में जो किया जा रहा है, वो सीधे तौर पर भगवान राम का राजनीतिकरण है।"

राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाला कार्यक्रम एक राजनीतिक कार्यक्रम है। यह बीजेपी और आरएसएस का राजनीतिक प्रोजेक्ट है और इसके जिरिये वो 'धर्म' का दुरुपयोग हैं।"

मालूम हो कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' द्वारा 22 जनवरी के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण ठुकराए जाने के बाद से राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।

इस मुद्दे को लेकर सीधे तौर पर भाजपा नीत एनडीए और विपक्षी दलों के गठबंदन इंडिया के बीच तलवारें खिंच गई हैं। इंडिया ब्लॉक के विपक्षी दलों द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर चुनावी लाभ पाने के लिए राम मंदिर का "इस्तेमाल" कर रही है।

वहीं दूसरी ओर भाजपा का आरोप है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस हिंदुओं के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर रही है।

सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी, कांग्रेस के कई बड़े नेता मसलन उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में पार्टी के विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी पहले ही 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह का निमंत्रण ठुकरा चुके हैं।

इनके अलावा समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, एनसीपी के शरद पवार और राजद के लालू यादव भी राम मंदिर का न्योता अस्वीकार कर चुके हैं।

टॅग्स :राम मंदिरJairam Rameshकांग्रेसआरएसएसRSSSangh
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