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अयोध्या मामलाः 78 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाई गई, आरपीएफ ने सात पृष्ठों का परामर्श जारी किया

By भाषा | Updated: November 7, 2019 19:22 IST

सूत्रों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के परामर्श में जानकारी दी गई है कि उसके सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। उन्हें ट्रेनों की सुरक्षा में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। परामर्श में प्लेटफॉर्म्स, रेलवे स्टेशनों, यार्ड, पार्किंग स्थल, पुलों और सुरंगों के साथ-साथ उत्पादन इकाइयों और कार्यशालाओं में सुरक्षा जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।

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ठळक मुद्देपरामर्श में उन स्थानों की पहचान की गई है जो किसी भी तरह की हिंसा के लिहाज से संवेदनशील हो सकते हैं। फैसला 17 नवंबर को भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने से पहले आने की संभावना है।

रेलवे पुलिस ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के मद्देनजर गुरुवार को सुरक्षा तैयारियों पर अपने सभी मंडलों के लिए निर्देश वाला सात पृष्ठों का परामर्श जारी किया।

सूत्रों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के परामर्श में जानकारी दी गई है कि उसके सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। उन्हें ट्रेनों की सुरक्षा में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। परामर्श में प्लेटफॉर्म्स, रेलवे स्टेशनों, यार्ड, पार्किंग स्थल, पुलों और सुरंगों के साथ-साथ उत्पादन इकाइयों और कार्यशालाओं में सुरक्षा जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।

परामर्श में उन स्थानों की पहचान की गई है जो किसी भी तरह की हिंसा के लिहाज से संवेदनशील हो सकते हैं या जिनका विस्फोटकों को छिपाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। मंदिर-मस्जिद भूमि विवाद में फैसला 17 नवंबर को भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने से पहले आने की संभावना है।

आरपीएफ के परामर्श में कहा गया है कि रेलवे स्टेशनों के समीप और उसके दायरे में आने वाले धार्मिक ढांचों पर करीब से नजर रखी जाए क्योंकि वहां हिंसा ‘‘भड़कने की ज्यादा आशंका’’ है। इसमें ऐसे ढांचों की देखभाल करने वाले लोगों को उन्हें बिना सुरक्षा के न छोड़ने का निर्देश भी दिया गया है।

इसमें कहा गया है कि दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के स्टेशनों समेत 78 प्रमुख स्टेशनों की पहचान की गयी है जहां अधिक संख्या में यात्री आते हैं और यहां आरपीएफ कर्मियों की मौजूदगी बढ़ायी गयी है। परामर्श में पूर्व के उस आदेश को भी रद्द किया गया है जिसमें स्टेशनों को वहां कोई ट्रेन न होने पर बिजली बचाने के लिए करीब 30 प्रतिशत रोशनी कम रखने की अनुमति दी गयी थी।

परामर्श में सभी मंडलों को हर वक्त 100 फीसदी रोशनी रखने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश खासतौर से अयोध्या में सुरक्षा के लिए अर्द्धसैन्य बलों के करीब 4,000 कर्मियों को भेजा है। 

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