Arvind kejriwal, Yashwant Sinha, BJP, LG House, IAS aam aadmi Party, Manish Sisodia | LG ऑफिस के बाहर AAP ने शुरू किया धरना, हजारों कार्यकर्ता हुए इकट्ठा, यशवंत सिन्हा भी पहुंचे

नई दिल्ली, 13 जून: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी  के नेता अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडल के कुछ साथियों के साथ सोमवार से अपनी मांगों को लेकर उपराज्यपाल के दफ्तर में धरने पर बैठे हुए हैं। इसके बाद बुधवार को मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसके बीच बीजेपी के बागी नेता यशवंत सिन्हा भी बुधवार शाम भी इस मार्च में शामिल हुए। खबरों की मानें तो बुधवार शाम सीएम केजरीवाल के आवास से 4 बजे आप के नेता, विधायक, पार्षद और कार्यकर्ता एलजी हाउस तक मार्च किया। 


आपको बता दें, दिल्ली की आप सरकार की मांग है कि आईएएस अधिकारियों को हड़ताल खत्म करने के निर्देश दिए जाएं और चार महीने से काम में रोड़े अटका रहे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। आप ने कहा कि उसकी लड़ाई जारी रहेगी और अपनी मांगें पूरी होने तक वह झुकने वाली नहीं। पार्टी ने इस विरोध प्रदर्शन को एक कदम और आगे ले जाते हुए तय किया है कि उसके सारे विधायक बुधवार को पार्टी दफ्तर से लेकर उप-राज्यपाल दफ्तर तक मार्च करेंगे। मुख्यमंत्री केजरीवाल, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री गोपाल राय, सत्येंद्र जैन ने सोमवार शाम 5:30 बजे उप-राज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की थी और उसके बाद से उनके दफ्तर में वे डेरा डाले हुए हैं। एलजी दफ्तर के एक कमरे में पूरी दो रात बिता चुके है और बुधवार को तीसरा दिन है।

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दिल्ली के इतिहास में यह पहला मामला है जब मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने अपनी मांगों पर दबाव बनाने के लिए एलजी दफ्तर में रात गुजारी। एलजी दफ्तर में पूरी रात गुजारने के बाद सुबह में केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'सत्येंद्र जैन ने बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है।' जैन ने सुबह 11 बजे एलजी दफ्तर पर अपना अनशन शुरू किया। हालांकि मंगलवार को एलजी अपने दफ्तर नहीं गए। 

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वहीं दूसरी तरफ आईएएस अधिकारियों की 'हड़ताल' को लेकर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने उप राज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल पर निशाना साधा और सोमवार शाम से उप राज्यपाल के कार्यालय में धरने पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा अन्य मंत्रियों की मांगों को समर्थन दिया। आप सरकार की मांग है कि बैजल आईएएस अधिकारियों को 'हड़ताल' खत्म करने का निर्देश दें, उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने चार महीने से काम को 'अवरुद्ध' कर रखा है। और घर पर राशन पहुंचाने के उसके प्रस्ताव को स्वीकार करे।