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जम्मू-कश्मीर में नहीं पढ़ीं जाएगी अरुंधति रॉय की किताबें, 'आजादी' समेत 25 किताबों पर लगा बैन

By अंजली चौहान | Updated: August 7, 2025 08:56 IST

Arundhati Roy Books: जिन लेखकों की पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें ए.जी. नूरानी, अरुंधति रॉय, विक्टोरिया स्कोफील्ड, सुमंत्रा बोस और क्रिस्टोफर स्नेडेन शामिल हैं।

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Arundhati Roy Books: मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय की कई किताबों पर जम्मू कश्मीर सरकार ने प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। जिनमें अरुंधति रॉय और ए जी नूरानी जैसी लेखिकाओं की पुस्तकें भी शामिल हैं। इन पुस्तकों पर यह कहते हुए प्रतिबंध लगा दिया गया है कि ये पुस्तकें "अलगाववाद" का प्रचार करती हैं।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आदेश पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव चंद्राकर भारती द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है: "...सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ साहित्य जम्मू-कश्मीर में झूठे आख्यान और अलगाववाद का प्रचार करते हैं... यह साहित्य शिकायत, पीड़ित होने और आतंकवादी वीरता की संस्कृति को बढ़ावा देकर युवाओं की मानसिकता पर गहरा प्रभाव डालेगा।"

अधिसूचना में कहा गया है, "इस साहित्य ने जम्मू-कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में जिन तरीकों से योगदान दिया है, उनमें ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ना, आतंकवादियों का महिमामंडन, सुरक्षा बलों का अपमान, धार्मिक कट्टरपंथ, अलगाव को बढ़ावा देना, हिंसा और आतंकवाद का मार्ग प्रशस्त करना आदि शामिल हैं।" 

इसने 25 ऐसी पुस्तकों की पहचान की है जो "अलगाववाद को बढ़ावा देने वाली और भारत की संप्रभुता एवं अखंडता को खतरे में डालने वाली पाई गईं, और इस प्रकार भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152, 196 और 197 के प्रावधानों के अधीन हैं"।

इन पुस्तकों में राजनीतिक टिप्पणियाँ और ऐतिहासिक विवरण शामिल हैं, जैसे कि प्रसिद्ध संवैधानिक विशेषज्ञ नूरानी की "द कश्मीर डिस्प्यूट 1947-2012", सुमंत्र बोस की "कश्मीर एट द क्रॉसरोड्स एंड कॉन्टेस्टेड लैंड्स", डेविड देवदास की "इन सर्च ऑफ अ फ्यूचर: द कश्मीर स्टोरी", पत्रकार अनुराधा भसीन की "रॉयज़ आज़ादी" और "ए डिसमेंटल्ड स्टेट: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ कश्मीर आफ्टर आर्टिकल 370"। अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने घोषणा की है कि इन पुस्तकों और उनकी प्रतियों या अन्य दस्तावेजों के प्रकाशन को "भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 98 के अनुसार 'ज़ब्त' घोषित किया जाना चाहिए"।

जिन अंतरराष्ट्रीय पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें कश्मीरी-अमेरिकी लेखिका हफ्सा कंजवाल की "कॉलोनाइजिंग कश्मीर: स्टेट-बिल्डिंग अंडर इंडियन ऑक्यूपेशन", हेली दुशिंस्की की "रेसिस्टिंग ऑक्यूपेशन इन कश्मीर", विक्टोरिया स्कोफील्ड की "कश्मीर इन कॉन्फ्लिक्ट" और क्रिस्टोफर स्नेडेन की "इंडिपेंडेंट कश्मीर" शामिल हैं।

सीमा काज़ी की "बिटवीन डेमोक्रेसी एंड नेशन: जेंडर एंड मिलिटराइजेशन इन कश्मीर", एस्सार बतूल की "डू यू रिमेम्बर कुनन पोशपोरा?" और अथर ज़िया की "रेसिस्टिंग डिसअपीयरेंस: मिलिट्री ऑक्यूपेशन एंड वूमेन्स एक्टिविज्म इन कश्मीर" पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

जमात-ए-इस्लामी के संस्थापक मौलाना अबुल आला मौदूदी की "अल जिहाद फ़िल इस्लाम" और मुस्लिम ब्रदरहुड के संस्थापक हसन अल-बन्ना की "मुजाहिद की अज़ान" के प्रकाशन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

अन्य प्रतिबंधित पुस्तकों में पियोत्र बाल्सेरोविक्ज़ और अग्निएज़्का कुस्ज़ेवस्का द्वारा लिखित "कश्मीर में कानून और संघर्ष समाधान", डॉ. शमशाद शान द्वारा लिखित "अमेरिका और कश्मीर" और डॉ. अफ़ाक द्वारा लिखित "तारीकी-ए-सियासत कश्मीर" शामिल हैं। 

यहां पढ़ें पूरी लिस्ट

1. कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनपियोत्र बाल्सेरोविक्ज़ और अग्निएज़्का कुस्ज़ेवस्का मेंराउटलेज (मनोहर प्रकाशक और वितरक)

2. कश्मीरियों की आज़ादी की लड़ाईमोहम्मद यूसुफ़ सराफ़फ़िरोज़ संस पाकिस्तान

3. कश्मीर का उपनिवेशीकरण: भारतीय कब्जे में राज्य निर्माणहफ़्सा कंजवालस्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस

4. कश्मीर की राजनीति और जनमत संग्रहडॉ. अब्दुल गोखमी जब्बारगुलशन बुक्स कश्मीर

5. क्या आपको कुनान पोशपोरा याद है?एस्सार बतूल और अन्यज़ुबान किताबें

6. मुजाहिद की अज़ानइमाम हसन अल-बाना शहीद, मौलान मोहम्मद इनायतुल्लाह सुभानी द्वारा संपादितमरकज़ी मकतबा इस्लामी पब्लिशर्स दिल्ली

7. अल जिहादुल फिल इस्लाममौलाना मौदादीदारुल मुसन्निफ़ीन-मरकज़ी मकतबा इस्लामी पब्लिशर्स दिल्ली

8. आज़ाद कश्मीरक्रिस्टोफर स्नेडेनमैनचेस्टर यूनिवर्सिटी प्रेस और सैंक्टम बुक्स दिल्ली

9. कश्मीर में कब्जे का विरोधहेली डुस्चिंस्की, मोना इन भट, एथर ज़िया और सिंथिया महमूदपेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय प्रेस

10. लोकतंत्र और राष्ट्र के बीच: कश्मीर में लिंग और सैन्यीकरणसीमा काजीऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस

11. विवादित भूमिसुमंत्र बोसहार्पर कॉलिन्स भारत

12. भविष्य की तलाश में: कश्मीर की कहानीडेविड देवदासवाइकिंग पेंगुइन

13. संघर्ष में कश्मीर: भारत, पाकिस्तान और अंतहीन युद्धविक्टोरिया स्कोफ़ील्डब्लूम्सबरी इंडिया एकेडमिक

14. कश्मीर विवाद: 1947-2012ए जी नूरानीतुलिका बुक्स

15. चौराहे पर कश्मीर: 21वीं सदी के संघर्ष के अंदरसुमंत्र बोसपैन मैकमिलन इंडिया

16. एक विघटित राज्य: अनुच्छेद 370 के बाद कश्मीर की अनकही कहानीअनुराधा भसीनहार्पर कॉलिन्स इंडिया

17. गायब होने का विरोध: कश्मीर में सैन्य कब्ज़ा और महिलाओं की सक्रियताअथर ज़ियाज़ुबान

18. आतंकवाद का सामनामारूफ़ रज़ा द्वारा संपादितपेंगुइन इंडिया

19. कैद में आज़ादी: कश्मीरी सीमांत पर अपनेपन की बातचीतराधिका गुप्ताकैम्ब्रिज विश्वविद्यालय प्रेस

20. कश्मीर: आज़ादी का मामलातारिक अली, हिलाल भट्ट, अंगना पी. चटर्जी, पंकज मिश्रा और अरुंधति रॉयवर्सो बुक्स

21. आज़ादीअरुंधति रॉयपेंगुइन भारत

22. अमेरिका और कश्मीरडॉ शमशाद शानगुलशन बुक्स

23. कश्मीर में कानून एवं संघर्ष समाधानपियोत्र बाल्सेरोविक्ज़ और एग्निज़्का कुस्ज़ेवस्कारूटलेज

24. तारीख-ए-सियासत कश्मीरडॉ. अफाककारवां-ए-तहकीक-ओ-सकाफत कश्मीर

25. कश्मीर और दक्षिण एशिया का भविष्यसुगाता बोस और आयशा जलाल द्वारा संपादितरूटलेज

टॅग्स :जम्मू कश्मीरमनोज सिन्हा
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