लाइव न्यूज़ :

जम्मू: भयानक साबित हो सकता है आने वाला समय, आतंकियों को लेकर एलओसी पर अलर्ट भारतीय सेना

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: February 10, 2021 16:42 IST

सेनाधिकारियों ने आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में यह भी कहा कि उनके सभी प्रयास नाकाम किए जा रहे हैं और वो घुसपैठ में सफल नहीं हो रहे हैं। कई बार वे सिर्फ एलओसी के नजदीक आकर फायरिंग करते हैं और वापस चले जाते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देसेनाधिकारियों ने कहा कि सेना के संयुक्त प्रयासों से अब तक आंतकी नाकाम रहे हैं।एलओसी के पार लॉन्च पैड्स के पास 300-500 आतंकवादी होने की आशंका जताई जा रही है।

जम्मू, 10 फरवरीभारतीय सेना के साथ-साथ सीमांत नागरिकों के लिए आने वाले दिन भयानक साबित हो सकते हैं क्योंकि सेना आप मान रही है कि उस पार से आतंकियों की बाढ़ आने वाली है। सेना के बकौल इन आतंकियों को इस ओर धकेलने की खातिर पाक सेना गोलों की बरसात की तैयारी कर रही है उसको इसकी भी परवाह नहीं है कि पिछले साल 26 नवम्बर को सीमाओं पर 17 साल पूरे करने वाला सीजफायर दांव पर लग सकता है। एलओसी के गर्माने के संकेत दोनों ओर से एलओसी से सटे बीसियों गांवों को किसी भी समय खाली करने के लिए तैयार रहने को दिए गए संकेतों से भी मिलते हैं।

इसके प्रति सेनाधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के नजदीक लॉन्च पैड्स पर 300-500 से ज्यादा आतंकी घुसपैठ के इंतजार में हैं। उन्होंने कहा कि लगता नहीं है कि घुसपैठ की संभावना और आतंकियों के इरादों में कोई कमी आई है। हमें लगातार ऐसी जानकारियां मिल रही हैं कि एलओसी के पार लॉन्च पैड्स के पास 300-500 से ज्यादा आतंकवादी मौजूद हैं और उन पर घुसपैठ करने का खासा दबाव है।

सेनाधिकारियों ने कहा कि सेना के संयुक्त प्रयासों और घुसपैठ को रोकने के लिए हो रहे बहु-स्तरीय प्रयासों की वजह से अभी तक आतंकिवादियों के मंसूबे सफल नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि हम सब एक साथ इस बात को दोहरा रहे हैं कि इस बार घुसपैठ के मामलों में कमी आई है और अगले साल तक ऐसी घटनाएं बिल्कुल समाप्त हो जाएंगी। यह सब हमारी घुसपैठ विरोधी गतिविधियों की वजह से संभव हुआ है।

लेकिन सेना को डर इस बात का है कि पाक सेना आतंकियों को इस ओर धकेलने की खातिर उस सीजफायर को भी दांव पर लगा सकती है जो पिछले साल 26 नवम्बर को 17 साल पूरे कर चुका है। डर की वजह यह है कि अक्सर यही देखने में आया है कि पाक सेना आतंकियों को धकेलने की खातिर हमेशा कवरिंग फायर रणनीति को ही अपनाती है।

बताया जा रहा है कि आतंकवाद को बल देने के लिए सीमा पार लांचिंग पैडों पर तैयार सैंकड़ों आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान सीमा पर कमजोर कड़ी तलाश रहा है। पड़ोसी देश ऊंचाई वाले इलाकों में पहाड़ी दर्रों से बर्फ के पिघलने का इंतजार शायद ही करे और वह उससे पहले ही घुसपैठ करवाने के लिए फिर दुस्साहस करेगा।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरभारतीय सेना
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?

क्राइम अलर्टकश्मीर पुलिस को कामयाबी, 16 साल से टेरर नेटवर्क चला रहे 2 पाकिस्तानी सहित 5 अरेस्ट, श्रीनगर के रहने वाले नकीब भट, आदिल राशिद और गुलाम मोहम्मद खिलाते थे खाना?

कारोबारलेह हवाई अड्डाः उड़ान की संख्या 8 से बढ़कर 18 किया?, रिकार्ड संख्या में पर्यटकों के आने के इंतजार में लद्दाख

कारोबारपल-पल बदलते रंग?, मौसम की मार और किसान परेशान?, आखिर क्या करें?

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

भारत अधिक खबरें

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र

भारतमहाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा टेस्ट अनिवार्य रूप से किया शुरू