बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तेजस्वी यादव ने तोड़ी चुप्पी, कहा- इस लोकतंत्र में 'लोक' हारा है 'तंत्र' जीता
By एस पी सिन्हा | Updated: January 11, 2026 20:47 IST2026-01-11T20:47:31+5:302026-01-11T20:47:31+5:30
तेजस्वी यादव ने कहा कि हमलोग सकारात्मक राजनीति करते हैं तो 100 दिन तक हम इस सरकार के निर्णय और नीति पर कुछ नहीं बोलेंगे और देखते हैं कि 100 दिनों के बाद हमारे माताओं और बहनों का कब 2-2 लाख रुपए मिलते हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तेजस्वी यादव ने तोड़ी चुप्पी, कहा- इस लोकतंत्र में 'लोक' हारा है 'तंत्र' जीता
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद करीब पौने दो महीने तक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुप्पी साधे रखी। इस दौरान विदेश दौरे के बाद तेजस्वी यादव रविवार को पटना लौटे। एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने चुप्पी तोड़ते हुए पत्रकारों से बातचीत की। तेजस्वी यादव ने सभी को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पिछले साल हुए बिहार में चुनाव में लोकतंत्र हार गया और मशीन तंत्र जीत गया। इस लोकतंत्र में लोक हारा है तंत्र जीती है। लोक की हार हुई है तंत्र की जीत हुई है। इन लोगों ने जनतंत्र को धनतंत्र और मशीनतंत्र बना दिया है। हम सब लोग जानते हैं कि क्या षड्यंत्र रचा गया। छल कपट से चुनाव जीता। नई सरकार कैसे बनी पूरा देश और बिहार जनता है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि हमलोग सकारात्मक राजनीति करते हैं तो 100 दिन तक हम इस सरकार के निर्णय और नीति पर कुछ नहीं बोलेंगे और देखते हैं कि 100 दिनों के बाद हमारे माताओं और बहनों का कब 2-2 लाख रुपए मिलते हैं। 1 करोड़ लोगों को रोजगार कब मिलता है। हर जिले में 4-5 कारखाने लगाने के वादे किए गए हैं। लगते हैं कि नहीं लगते हैं। 100 दिनों तक हम कुछ नहीं बोलेंगे और इस सरकार की जिम्मेदारी होगी कि जो घोषणा पत्र जारी किया है उसपर अमल करें।
उन्होंने खासतौर पर महिलाओं को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा को लेकर सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि पहले यह देखा जाएगा कि यह वादा जमीन पर उतरता है या नहीं? जब पत्रकारों ने उनसे बिहार की राजनीति में आगे की रणनीति को लेकर सवाल किया, तो तेजस्वी यादव ने दोहराया कि वह 100 दिन पूरे होने के बाद ही सरकार की नीतियों पर अपनी बात रखेंगे। अपराध के सवाल पर भी उन्होंने दो टूक कहा कि 100 दिन पूरे होने से पहले वे किसी मुद्दे पर बयान नहीं देंगे।