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सामाजिक रूप से कम सक्रिय रहने वाले लोग जल्दी हो जाते है बुढ़े! स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

By आजाद खान | Updated: July 23, 2023 16:22 IST

स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि अकेले रहने की आदत, उम्मीद की कमी होना या फिर खुश नहीं रहना लोगों के उम्र को तेजी से बढ़ा देती है जिससे वे समय और वास्तविक उम्र से पहले बुजुर्ग दिखने लगते है।

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ठळक मुद्देसामाजिक रूप से सक्रिय नहीं रहने वाले को लेकर एक स्टडी सामने आई है। स्टडी में यह कहा गया है कि जो लोग सामाजिक रूप से कम सक्रिय रहते है वे जल्दी बुढ़े हो जाते है। ऐसे लोग अपने वास्तविक उम्र से 4.3 साल ज्यादा बुढे़ दिखते है।

Health News:  हाल में एक शोध हुआ है जिसमें यह खुलासा हुआ है कि सामाजिक रूप से कम सक्रिय (सोशल इनएक्टिव) रहने पर आप जल्दी बुढ़े हो सकते है। इंटरनेश्नल जर्नल ऑफ एनवायमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित इस स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि जो लोग सामाजिक रूप से सक्रिय नहीं थे, वे अपनी वास्तविक उम्र से 4.3 साल बूढ़े दिख रहे थे।

इस स्टडी में कई लोगों को शामिल किया गया था और देखा गया था कि जब ये लोग 45 साल के हो गए तो वे अपनी वास्तविक उम्र से ज्यादा बुढ़े दिख रहे थे। 

स्टडी में क्या खुलासा हुआ है

न्यूजीलैंड में डुनेडइन मल्टीडिसिप्लिनरी हेल्थ एंड डेवलपमेंट द्वारा की गई एक स्टडी यह खुलासा हुआ है कि जो लोग सोशल इनएक्टिव ज्यादा रहते है वो जल्दी बुढ़े व बुजुर्ग हो जाते है। स्टडी में यह पाया गया है कि अकेले रहने की आदत, उम्मीद की कमी होना या फिर खुश नहीं रहना लोगों के उम्र को तेजी से बढ़ा देती है जिससे वे समय और वास्तविक उम्र से पहले बुजुर्ग दिखने लगते है। 

शोध में यह भी खुलासा हुआ है कि स्ट्रेस या फिर एंग्जाइटी में रहना आपके लिए खतरनाक हो सकता है और ये आपकी त्वचा पर असर भी डाल सकता है। इस कारण आपके त्वचा का कसाव भी कम हो सकता है साथ ही झुर्रियां और एजिंग की प्रक्रिया के भी इस कारण तेज हो सकती है। 

सामाजिक रूप से सक्रिय वाले लोग रहते है खुश

इस स्टडी में 45 साल के उम्र वाले लोगों को पर यह शोध किया गया था और पाया गया कि ये लोग अपने वास्तविक उम्र से ज्यादा उमरदराज दिख रहे थे। स्टडी के मुताबिक, जो लोग सामाजिक रूप से सक्रिय हैं, उनमें खुश रहने और स्वस्थ रहने का खतरा कम होता है।

यही नहीं इन लोगों में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अल्जाइमर, डिप्रेशन, इम्यून सिस्टम का कमजोर होना, हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने के साथ-साथ कुछ मामलों में मौत तक में भी कम मरते हैं।

(Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इस आलेख में बताए गए तरीकों, सुझावों और विधियों का उपयोग करने से पहले कृपया एक चिकित्सक या संबंधित विशेषज्ञ से जरूर सलाह ले लें।)

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