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आयुर्वेदिक और एक्यूप्रेशर पर आधारित जादुई 'कांसा थाली' से पैरों की थकान और दर्द छू मंतर?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 26, 2025 14:22 IST

 देखने में आता है कि लोग अक्सर अपने पैरों की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन आयुर्वेद में पैरों की सेहत पर विशेष जोर दिया गया है।

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ठळक मुद्दे आधुनिक संस्करण को फुट मसाज कहा जाता है। किफायती बनाना और हर घर में पहुंचाना है।

नई दिल्लीः आज की दौड़ती-भागती जिंदगी और टफ लाइफस्टाइल का असर लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में लोग स्वस्थ रहने के लिए प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की ओर लौटना चाहते हैं, लेकिन उन्हें तलाश रहती है कुछ ऐसे विकल्पों की जो प्राचीनता और आधुनिकता का ऐसा संगम हों, जिनसे उनके रोजमर्रा के जीवन की रफ्तार भी बनी रहे, और उनका शरीर भी प्राकृतिक तरीके से निरोग हो सके। देखने में आता है कि लोग अक्सर अपने पैरों की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन आयुर्वेद में पैरों की सेहत पर विशेष जोर दिया गया है।

उसी के आधुनिक संस्करण को फुट मसाज कहा जाता है। परंपरागत और आधुनिक तकनीक के संगम से दिल्ली बेस्ड टेक कंपनी 'the accufit' ने कांसा थाली फुट मसाजर का आविष्कार किया है, जो दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह जादुई थाली थके पैरों को राहत के साथ-साथ मन को सकून भी पहुंचाती है। 

'the accufit'' के फाउंडर विकास शर्मा कहते हैं, कांसा सिर्फ़ एक धातु नहीं है। इसे भारत में हज़ारों सालों से चिकित्सा और ऊर्जा संतुलन के लिए उपयोग किया जाता रहा है। पहले यह केवल राजघरानों और मंदिरों तक सीमित था, लेकिन अब यह तकनीक आम घरों तक पहुंच रही है। विकास शर्मा बताते हैं, कांसा थाली सिर्फ एक मसाजर नहीं, बल्कि एक गहरा थेरेप्यूटिक अनुभव है।

यह एक गोल कांसे की थाली होती है जो धीरे-धीरे घूमती है। इस थाली को खास तांबे की उभरी हुई एक्यूप्रेशर पॉइंट्स से डिज़ाइन किया गया है, जो पैरों के प्रमुख बिंदुओं को उत्तेजित करते हैं। जब आप अपने पैरों को इस पर रखते हैं, तो रक्तसंचार बेहतर होता है। नसों और जोड़ों को सुकून मिलता है। इससे तंत्रिका तंतुओं का जागरण होता है।

अंगों की ऊर्जा सक्रिय होती है। पुरानी थकान व दर्द में राहत मिलती है। दरअसल, कांसा थाली में प्रत्येक बिंदु को आयुर्वेदिक रिफ्लेक्सोलॉजी के सिद्धांतों के अनुसार सेट किया गया है, जिससे पूरे शरीर पर असर पड़ता है। अगर मसाज के समय कोई आयुर्वेदिक तेल (जैसे तिल, नारियल या जड़ी-बूटी युक्त) लगाया जाए, तो तेल त्वचा के माध्यम से गहराई में जाकर अवशोषित होता है।

शरीर को पोषण एवं डिटॉक्स में मदद करता है। यह एक ऐसा उपकरण है जो धातु चिकित्सा, एक्यूप्रेशर और अरोमाथेरेपी को एक साथ जोड़ता है। शोध में पाया गया है कि कांसा शरीर से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तनाव को दूर करता है। जब इसमें एक्यूप्रेशर और तेल चिकित्सा जोड़ी जाती है, तो यह एक संपूर्ण स्वास्थ्य साधन बन जाता है।

उपयोगकर्ताओं को हर दिन 10 मिनट कांसा थाली पर बैठने से पैरों की सूजन और जलन में स्पष्ट राहत मिलती है। नोएडा के सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल सुनील वर्मा कहते हैं, "अब यह मेरी दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है।" पुणे की रूपा शर्मा का कहना है, "यह कांस्य थाली इंटरनेशनल ब्रांड्स को टक्कर देती है। भारतीय इनोवेशन पर गर्व का अनुभव हुआ।"

विकास शर्मा बताते हैं 'द एक्यूफिट' ने इस आयुर्वेदिक इनोवेशन को भारत और विदेशों तक पहुंचाया है, जिसके कारण यह आज आधुनिक भरोसेमंद और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है। इसका उद्देश्य आयुर्वेदिक हीलिंग को सरल, सुरक्षित और किफायती बनाना और हर घर में पहुंचाना है।

टॅग्स :Health and Family Welfare DepartmentBody Care
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