लाइव न्यूज़ :

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देश को मिली एक और सफलता, भारत में पहली ओमिक्रॉन-स्पेसिफिक बूस्टर वैक्सीन लॉन्च

By अंजली चौहान | Updated: June 24, 2023 20:45 IST

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कोविड के लिए ओमिक्रॉन-विशिष्ट एमआरएनए-आधारित बूस्टर वैक्सीन लॉन्च की

Open in App
ठळक मुद्देजेमकोवैक-ओएम वैक्सीन को आज लॉन्च किया गया हैGEMCOVAC-OM एक थर्मोस्टेबल वैक्सीन है COVID सुरक्षा के समर्थन से विकसित पांचवां टीका है।

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के खिलाफ देश को एक और सफलता मिली है और हथियार के रूप में उपलब्ध वैक्सीन के साथ एक नई वैक्सीन भी शामिल हो गई है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कोविड के लिए ओमिक्रॉन-विशिष्ट एमआरएनए-आधारित बूस्टर वैक्सीन लॉन्च की। केंद्रीय मंत्री ने जेनोवा की ओर से स्वदेशी प्लेटफॉर्म टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाई गई स्पेसिफिक बूस्टर वैक्सीन जेमकोवैक-ओएम को लॉन्च किया गया है।

साइन्स एंव टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री की ओर से एक बयान में कहा गया है कि जेमकोवैक-ओएम भारत का पहला mRNA वैक्सीन है, जिसे जेनोवा द्वारा स्वदेशी प्लेटफ़ॉर्म तकनीक का उपयोग करके विकसित किया गया है, जिसमें जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) की फंडिंग सहायता है।

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले इस वैक्सीन को ड्रग कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के कार्यालय से आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (EUA) के लिए मंजूरी मिल गई थी।

जेमकोवैक-ओएम कोविड- 19 टीकों के त्वरित विकास के लिए सरकार के आत्मनिर्भर भारत 3.0 पैकेज के तहत DBT और BIRAC द्वारा कार्यान्वित मिशन कोविड सुरक्षा के समर्थन से विकसित पांचवां टीका है। 

मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस भविष्य के लिए तैयार प्रौद्योगिकी मंच का उपयोग अपेक्षाकृत कम समय में अन्य टीके बनाने के लिए किया जा सकता है।

सिंह ने कहा, "यह नवाचार हमारे देश में अंतिम मील तक तैनाती को आसान बनाता है। मौजूदा आपूर्ति श्रृंखला बुनियादी ढांचा इस वैक्सीन को तैनात करने के लिए पर्याप्त है।" उन्होंने कहा कि इसकी अनूठी विशेषता यह है कि इस वैक्सीन को सुई के इंजेक्शन के बिना भी लगाया जा सकता है।"

मालूम हो कि जेमकोवैक-ओएम एक थर्मोस्टेबल वैक्सीन है और इसे अन्य अनुमोदित एमआरएनए-आधारित टीकों के लिए उपयोग किए जाने वाले अल्ट्रा-कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं होती है।

जानकारी के अनुसार, सुई-मुक्त इंजेक्शन डिवाइस प्रणाली का उपयोग करके टीका इंट्रा-डर्मली दिया जाता है और अध्ययन प्रतिभागियों में इसने काफी अधिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न की है।

टॅग्स :ओमीक्रोन (B.1.1.529)जितेन्द्र सिंहकोविड-19 इंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वआज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां, पहले कोरोना आया, फिर युद्ध और अब energy crisis?, पीएम मोदी ने कहा- ये आपदाओं का दशक, वीडियो

भारतUdhampur Road Accident: खाई में समा गई यात्रियों से भरी बस, कई यात्रियों की मौत का अंदेशा; मंत्री जितेंद्र सिंह ने घायलों की मदद का दिया आदेश

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

भारतनौकरशाही में फेरबदलः यहां से वहां नीरज मित्तल, श्रीवत्स कृष्ण, अमित अग्रवाल, मनोज जोशी, अतीश चंद्रा और अंजू राठी राणा, देखिए पूरी सूची

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्य‘क्या इंसानों को बचाने के लिए करोड़ों मच्छर पैदा किए जा सकते हैं?’

स्वास्थ्यसुबह खाली पेट ये 8 चीजें खाना पड़ सकता है भारी

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

स्वास्थ्यWHO ने इबोला के प्रकोप को लेकर अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया, जानें लक्षण और सुरक्षित रहने के लिए इन चीजों का रखें ध्यान

स्वास्थ्यकिडनी या पेशाब की नली में फंसी पथरी? ये 8 देसी उपाय दिला सकते हैं राहत