Amroha Video: उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एक दिल दहला देने वाली घटना घटित हुई है जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग लड़के को सांप के काटने के बाद अस्पताल के बजाय तांत्रिक के पास ले जाया गया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। आरोप है कि अंधविश्वास के चलते उसे समय पर मेडिकल इलाज नहीं मिल पाया। यह घटना आदमपुर पुलिस थाना क्षेत्र के एक गाँव में हुई, जहाँ लड़के को अस्पताल ले जाने के बजाय कथित तौर पर तांत्रिक क्रियाओं के हवाले कर दिया गया।
स्थानीय अधिकारियों और मेडिकल अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित को उस समय साँप ने काटा जब वह खेत में काम कर रहा था। तुरंत मेडिकल मदद लेने के बजाय, परिवार ने कथित तौर पर अंधविश्वास पर आधारित तरीकों पर भरोसा किया, जिसमें उसे पारंपरिक ओझाओं के पास ले जाना और बाद में लंबे समय तक नदी में डुबोकर रखना शामिल था।
रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 13-14 साल के इस लड़के को एक लकड़ी के ढांचे से बांधकर कई घंटों तक गंगा नदी में आधा डुबोकर रखा गया। कथित तौर पर ऐसा इस अंधविश्वास के चलते किया गया कि बहता हुआ पानी साँप के जहर के असर को खत्म कर देगा। इन तमाम कोशिशों के बावजूद, लड़के की हालत बिगड़ती गई। कुछ ही देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद लड़के के शव को नदी में ही विसर्जित कर दिया गया।
आदमपुर पुलिस थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर कोमल तोमर ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। फिलहाल, इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है और आगे की जानकारी का इंतज़ार है। अधिकारियों ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं, लेकिन इस घटना ने समय पर सूचना न देने और मेडिकल इलाज के बजाय अंधविश्वास पर भरोसा करने के चलन को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
मेडिकल विशेषज्ञों की चेतावनी
स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि लड़के को कभी भी सरकारी अस्पताल नहीं लाया गया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि साँप काटने के मामलों में तुरंत मेडिकल इलाज की ज़रूरत होती है और अगर समय पर एंटी-वेनम (ज़हर-रोधी) दवा दी जाए, तो वह बहुत असरदार होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी साँप ज़हरीले नहीं होते, लेकिन बिना मेडिकल जाँच के यह पहचानना कि साँप ज़हरीला था या नहीं, बहुत जोखिम भरा काम है। इसलिए, साँप काटने के सभी मामलों में तुरंत अस्पताल में भर्ती होना ही सबसे सही कदम है।
साँप काटने पर क्या करें?
मेडिकल विशेषज्ञ निम्नलिखित कदम उठाने की सलाह देते हैं: शांत रहें, ताकि जहर शरीर में धीरे-धीरे फैले। घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएँ।
घाव पर ढीली पट्टी बाँधें; बहुत कसकर पट्टी (टूर्निकेट) न बाँधें। जिस अंग पर साँप ने काटा है, उसकी हलचल कम से कम करें। तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर मेडिकल इलाज करवाएँ।
किसी भी तरह के अंधविश्वास या बिना जाँच-पड़ताल वाले घरेलू नुस्खों पर भरोसा न करें।
जैसे-जैसे इस मामले में और जानकारी सामने आएगी, अधिकारियों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जाएगी; वहीं, स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी भी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है।