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UP: कफ सिरप तस्करी मामले में ईडी ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का केस, आरोपियों की बढ़ीं मुसीबतें

By राजेंद्र कुमार | Updated: December 3, 2025 20:14 IST

ईडी की इस कार्रवाई से कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा की मुसीबतें बढ़ गई हैं. 

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लखनऊ: प्रतिबंधित कफ सिरप तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी एक्शन में आ गई. बुधवार को ईडी ने कफ सिरप तस्करी को लेकर पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. इसके साथ ही ईडी ने फरार आरोपी शुभम जायसवाल के वाराणसी स्थित घर पर कई नोटिस चस्पा किए. ईडी की इस कार्रवाई से कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा की मुसीबतें बढ़ गई हैं. 

यहीं नहीं शुभम जायसवाल, बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित टाटा के करीबी पूर्व सांसद धनंजय सिंह और भाजपा के विधायक सुशील सिंह अब एसटीएफ तथा एसटीएफ़ की पूछताछ के दायरे में आ गए हैं. इस दोनों से भी जल्दी ही पूछताछ की जाएगी.   

शुभम के घर ईडी का नोटिस चस्पा  एसटीएफ़ के अधिकारियों के अनुसार, प्रतिबंधित कफ सिरप तस्करी मामले के आरोपियों के दुबई में करोड़ो रुपए निवेश करने के सबूत हाथ लगे हैं. यह भी पता चला है कि शुभम जायसवाल, अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह को दुबई की सैर कराने वाले जौनपुर के विकास सिंह विक्की ने पूर्व ब्यूरोक्रेट सिंडिकेट की काली कमाई को रियल एस्टेट में निवेश कराया है. 

इसके अलावा एक पूर्व ब्यूरोक्रेट ने विकास के जरिए लखनऊ स्थित सुल्तानपुर रोड पर कई बेशकीमती संपत्तियां खरीदी गई. इस सौदे को कराने में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की भूमिका के बारे में आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा ने एसटीएफ़ को जानकारी दी है.आलोक सिंह और अमित टाटा दोनों ही पूर्व सांसद धनंजय सिंह का करीबी हैं. एसटीएफ ने इस बारे में ईडी की जांच टीम को बताया है. 

ईडी के अफसरों ने वाराणसी में शुभम जायसवाल के घर पर नोटिस चस्पा कर यह बताया है कि जल्दी ही वह शुभम जायसवाल, आलोक सिंह, अमित सिंह टाटा और इनसे जुड़े लोगों की सम्पत्तियों का ब्यौरा जुटाकर आगे की कार्रवाई करेगी. कुछ आरोपियों की संपत्ति को जब्त करेगी और कुछ को पूछताछ के लिए लखनऊ और दिल्ली के दफ्तर में बुलाया जाएगा. 

ईडी ने जुटाए सबूत

बताया जा रहा है कि ईडी ने प्रतिबंधित कफ सिरप तस्करी मामले में  लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी और सोनभद्र में दर्ज एफआईआर के आधार पर ही ईसीआईआर (इनफोर्समेंट केस इनफार्मेशन रिपोर्ट) दर्ज की है. ईडी ने अपनी जांच में फरार शुभम जायसवाल की फर्म शैली ट्रेडर्स और आलोक सिंह के नाम की कंपनियों माँ शारदा तथा श्रेयसी मेडिकल एजेंसी का ब्यौरा जुटा लिया है. इन कंपनियों के जरिए करोडों रुपए की कमाई ही गई और कई संपत्तियां खरीदे जाने के सबूत ईडी ने जुटाए हैं. 

यह चर्चा है कि शुभम जायसवाल और आलोक सिंह की फर्म के लेनदेन तथा उनके संपर्कों के आधार पर पूर्व सांसद  धनंजय सिंह और भाजपा के विधायक सुशील सिंह की संपत्तियां भी ईडी के निशाने पर हैं. ईडी यह पता लगा रही हैं कि इन दोनों नेताओं के खातों में शुभम, आलोक और अमित की कंपनियों से कोई लेने देने तो नहीं हुआ है.  

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