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Kanpur Rape Case: 14 साल की मासूम दरिंदगी का शिकार, गैंगरेप के आरोप में यूट्यूबर गिरफ्तार, आरोपी दारोगा फरार

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 8, 2026 09:58 IST

Kanpur Rape Case: उनका कहना है कि जब उन्होंने एक पुलिसकर्मी के शामिल होने की बात कही तो उन्हें पहले भगा दिया गया।

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Kanpur Rape Case: कानपुर जिले के सचेंडी इलाके में 14 साल की लड़की के अपहरण और उससे सामूहिक बलात्कार के मामले में एक स्थानीय यूट्यूबर को गिरफ्तार किया गया है। मामले का आरोपी एक दारोगा अब भी फरार है। इस मामले को लेकर बड़े स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई की गयी है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कथित लापरवाही और तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने के आरोप में पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) दिनेश चंद्र त्रिपाठी को पद से हटा दिया है और सचेंडी के थानाध्यक्ष विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सचेंडी क्षेत्र में 14 साल की एक लड़की को सोमवार रात करीब 10 बजे एक कार में जबरन बैठाकर अगवा किया गया था और उसके बाद उसे एक रेल पटरी के पास सुनसान जगह पर ले जाया गया जहां करीब दो घंटे तक उससे सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर उसे बेहोशी की हालत में उसके घर के बाहर छोड़ दिया गया।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने संवाददाताओं को बताया, ''पीड़ित लड़की के बयान के आधार पर दारोगा अमित कुमार मौर्या और यूट्यूबर शिवबरन यादव को मुकदमे में नामजद किया गया है। यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि फरार दारोगा को पकड़ने के लिए चार टीमें बनाई गई हैं।''

उन्होंने बताया कि अपराध में इस्तेमाल की गई कार दारोगा मौर्या की है और उसे जब्त कर लिया गया है। उनके मुताबिक, जांच में पता चला है कि बिठूर थाने में तैनात होने के बावजूद वह घटना के समय सचेंडी में मौजूद था। इस बीच, पीड़ित लड़की के परिवार ने स्थानीय पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने एक पुलिसकर्मी के शामिल होने की बात कही तो उन्हें पहले भगा दिया गया।

लड़की के भाई ने बताया कि पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया और जब तक अदालत में उसका बयान दर्ज नहीं हो गया तब तक उसे घर नहीं लौटने दिया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि सचेंडी के थानाध्यक्ष विक्रम सिंह को शुरुआत में पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई नहीं करने और केस रिकॉर्ड में तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

साथ ही पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) दिनेश चंद्र त्रिपाठी को पद हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच अपर पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) कपिल देव सिंह को सौंपी गई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के विरोध में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से मुलाकात की। लाल ने आश्वासन दिया, ''जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है, और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'' 

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