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खनन मंत्री जनक राम के ओसडी मृत्युंजय कुमार सहित 3 के ठिकानों पर छापेमारी, सोने की बिस्किट, 30 लाख रुपये नकद और 60 लाख के जेवरात बरामद

By एस पी सिन्हा | Updated: November 26, 2021 20:38 IST

पूर्व सीडीपीओ रत्ना चटर्जी के कटिहार स्थित घर छापा मारा है. जहां सोने की बिस्किट, रुपयों से भरा सूटकेस और एक हजार के पुराने नोट भी मिले है.

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ठळक मुद्देओएसडी मृत्युंजय कुमार के तीन ठिकानों पटना, अररिया और कटिहार में छापेमारी की है.मृत्युंजय कुमार और इनके भाई धनंजय कुमार के अलावा उनकी महिला मित्र रत्ना चटर्जी के घर पर छापेमारी की है. बड़ी मात्रा में सोने की बिस्किट, 30 लाख रुपये नगद के अलावे अकूत संपत्ति का पता चला है. 

पटनाः बिहार में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ शुरू की गई जंग में अब सूबे के खनन मंत्री जनक राम के ओएसडी मृत्युंजय कुमार निगरानी के हत्थे चढ़ गये हैं. विशेष निगरानी ईकाई (एसयूवी) ने आज शुक्रवार को मंत्री के ओएसडी मृत्युंजय कुमार के तीन ठिकानों पटना, अररिया और कटिहार में छापेमारी की है.

 

 

निगरानी की टीम ने ओएसडी मृत्युंजय कुमार और इनके भाई धनंजय कुमार के अलावा उनकी महिला मित्र रत्ना चटर्जी के घर पर छापेमारी की है. जहां से बड़ी मात्रा में सोने की बिस्किट, 30 लाख रुपये नगद के अलावे अकूत संपत्ति का पता चला है. बताया जाता है कि निगरानी विभाग ने एडीएम रैंक के अधिकारी मृत्युंजय कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति होने का मामला दर्ज कराया है.

निगरानी ने पूर्व सीडीपीओ रत्ना चटर्जी के कटिहार स्थित घर छापा मारा है. जहां सोने की बिस्किट, रुपयों से भरा सूटकेस और एक हजार के पुराने नोट भी मिले है. साथ ही ओएसडी के भाई धनंजय कुमार ने रत्ना चटर्जी के खाते से बडे़ ट्रांजेक्शन भी किये हैं. जिसके सबूत मिलने की बात सामने आ रही है. वहीं दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में बेहिसाब सम्पत्ति के कागजात भी मिले हैं.

इसके साथ सोने-चांदी के कीमती जेवरात, सोने के बिस्किट, कई संपत्तियों के कागज बरामद किये गये हैं. संबंध में डीएसपी चंद्रभूषण ने बताया कि विशेष निगरानी पटना की टीम ने कटिहार के ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित पूर्व बर्खास्त सीडीपीओ रत्ना चटर्जी के आवास पर छापेमारी की है. उन्होंने बताया कि सीडीपीओ रत्ना चटर्जी को 2011 में निगरानी की टीम ने घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था.

जिसके बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. बताया जाता है कि रत्ना चटर्जी के मकान में खनन विभाग ओएसडी मृत्युंजय कुमार आते जाते रहते थे. इसके चलते निगरानी की टीम ने उनके घर पर भी छापेमारी की, जिसमें मिले संपत्तियों को देखकर सभी भौंचक रहे गये. वहीं, धननंजय रेलवे के रिटायर कर्मी और मृत्युंजय कुमार के बडे़ भाई है.

कहा जा रहा है कि खनन मंत्री जनक राम की अनुशंसा पर 26 फरवरी 2021 से ही मृत्युंजय कुमार को सरकारी आप्त सचिव नियुक्त किया गया था. कैबिनेट सचिवालय की तरफ से मंत्री जनक राम की अनुशंसा पर मृत्युंजय कुमार को पीएस नियुक्त करने करने की अधिसूचना 24 मार्च 2021 को जारी की गई थी.

विशेष निगरानी इकाई ने मृत्युंजय कुमार के साथ रत्ना चटर्जी और धनंजय कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है. निगरानी को शिकायत मिली थी कि आय से अधिक संपत्ति रत्ना चटर्जी ने अर्जित की है. रत्ना चटर्जी की आवास से 30 लाख नगद, 50 से 60 लाख के जेवरात, बडे़ पैमाने पर सोने की बिस्कुट, जमीन सेल के कागजात, फ्लैट के कागजात आदि बरामद किए गए हैं.

डीएसपी चंद्रभूषण ने बताया कि खनन विभाग के ओएसडी मृत्युंजय कुमार का यहां आना जाना होता था. उनकी भी एक अलमीरा यहां बरामद की गई है. जिसमें बडे पैमाने पर नगदी, सोने के बिस्कुट आदि मिले है. जिसका अबतक मिलान नहीं किया जा सका है. उन कागजात की भी जांच की जा रही है. डीएसपी ने बताया कि ओएसडी मृत्युंजय कुमार व उनके भाई धनंजय कुमार की भी अलग से जांच की जा रही है.

इनकी भी संलिप्तता है. लेकिन इसका खुलासा उन्होंने नहीं किया. यह भी जानकारी मिल रही है कि पूर्व सीडीपीओ रत्ना चटर्जी के आवास में किरायेदार के रूप में ओएसडी मृत्युंजय कुमार रहते हैं. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने मामले में सभी की भूमिका है. मृत्युंजय कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं.

उनपर आरोप है कि अपनी सेवा काल में जहां भी रहे हैं, दबदबे के साथ भ्रष्टाचार किया है. इनके खिलाफ जब भी शिकायत जाती थी तो प्रभावित कर सबकुछ मैनेज कर लेते थे. मृत्युंजय कुमार के भाई धनंजय कुमार एवं इनके महिला मित्र रत्ना चटर्जी के नाम पर बिहार, पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों में अरबों की सम्पत्ति का पता चला है.

यहां बता दें कि अक्टूवर महीने में ही खान और भूतत्व मंत्री जनक राम के पर्सनल सेक्रेटरी यानी आप्त सचिव बबलू आर्य को गिरफ्तार किया गया था. बबलू आर्य की निशानदेही पर दिल्ली पुलिस ने गोपालगंज नगर थाना के पुरानी चौक निवासी महेश कुमार को भी गिरफ्तार किया था. मंत्री के निजी सचिव बबलू आर्य पर संसद भवन में एंट्री के लिए फर्जी पास बनवाने का आरोप था.

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