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यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का कृषि भूमि की मुआवजा दरों में बढ़ोत्तरी का निर्णय

By भाषा | Updated: December 14, 2020 21:31 IST

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नोएडा, 14 दिसंबर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सोमवार को किसानों की जमीन के सापेक्ष मुआवजा दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की। प्राधिकरण के निदेशक मंडल की 69वीं बैठक में इसके साथ-साथ किसानों के हित से जुड़े कई और फैसले भी किए गए।

प्राधिकरण ने मुआवजा लेने के लिए किसानों को दो विकल्प भी दिए हैं। इनमें जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण की दर के बराबर सभी किसानों मुआवजा दिया जाएना शामिल है। साथ ही प्राधिकरण ने पट्टा वापस लेने के पुराने मामलों में किसानों को बड़ी राहत दी और कहा कि इसके लिए नए आवेदन अगले एक महीने के दौरान किए जा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक टंडन की अध्यक्षता में निदेशक मंडल की सोमवार को हुई बैठक में ये सारे निर्णय किए गए

प्राधिकरण के मुख्य कार्याधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र के 96 गांवों में किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा बढ़ा दिया गया है। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के लिए 2,300 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से किसानों की सहमति पर जमीन खरीदी गई है। अब इन गांवों में भी इन्हीं दरों पर जमीन ली जाएगी।

उन्होंने कहा कि किसानों को दो विकल्प दिए गए हैं। पहले विकल्प के तहत 2,068 प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा और 7 प्रतिशत विकसित भूमि का आवासीय भूखंड दिया जाएगा। अगर कोई किसान 7 प्रतिशत आवासीय भूखंड नहीं लेना चाहता है तो उसे सीधे 2,300 प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दे दिया जाएगा।

सिंह ने कहा कि कोरोना काल में 900 औद्योगिक भूखण्ड आवंटित किए गए। कोरोना के दौरान जहां कुछ सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा है, वहीं यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कोरोना काल में गत वर्ष के सापेक्ष 130 से 140 प्रतिशत अधिक आय की है।

उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड आय होने पर प्राधिकरण ने 2,402 करोड़ रुपये के ऋण में से 275 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। अब प्राधिकरण के ऊपर सिर्फ 2,127 करोड़ रुपये का ऋण है। इसमें 1,152 करोड़ रुपये नोएडा प्राधिकरण का तथा 1,249 करोड़ रुपये विभिन्न बैंको का है।

सिंह ने बताया कि आगामी तीन साल के अंदर प्राधिकरण पूरी तरह से ऋणमुक्त हो जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के 1,152 करोड़ रुपये चुकता करने के लिए प्रति माह 25 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। बाद में 50 करोड़ रुपये प्रति माह देकर वह कर्ज मुक्त हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि कोरोना काल में आवंटित 900 औद्योगिक भूखण्डों पर 7,500 करोड़ रुपये निवेश होंगे तथा 1.98 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा प्राधिकरण हस्तशिल्प पार्क, खिलौना पार्क और परिधान पार्क योजना में बचे भूखण्डों के लिए नई योजनाएं लाएगा।

उत्तर भारत में कोहरे के कहर को देखते हुए यमुना एक्सप्रेस-वे पर सोमवार रात 12 बजे से वाहनों की गति सीमा घटाने का भी निर्णय किया गया है। मंगलवार यानी 15 दिसम्बर से कारों की गति सीमा 100 से घटाकर 80 तथा भारी वाहनों की गति सीमा 80 से घटाकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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