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कोविड महामारी की दूसरी लहर से गांवों पर असर, ट्रैक्टर की बिक्री होगी प्रभावित: एस्कॉर्ट्स

By भाषा | Updated: May 16, 2021 15:18 IST

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नयी दिल्ली, 16 मई देश में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से गांवों के प्रभावित होने से अल्पकाल में ट्रैक्टर की बिक्री प्रभावित होगी। हालांकि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में स्थिति बेहतर होने और तेजी की उम्मीद है और उद्योग में एकल अंक में ही सही लेकिन अच्छी वृद्धि होगी। कृषि उपकरण बनाने वाली एस्कॉर्ट्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह कहा।

कंपनी का जापान की कुबोता के साथ संयुक्त उद्यम है। वह 2021-22 में निर्यात में 55 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद कर रही है। निर्यात में यूरोप की प्रमुख हिस्सेदारी होगी। इसके अलावा कंपनी की दक्षिण पूर्व एशिया और ब्राजील के बाजारों में भी अपने भागीदारों के जरिये दस्तक देने की योजना है।

एस्कॉर्ट्स लि. के समूह सीएफओ (मुख्य वित्त अधिकारी) भरत मदन ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘कोविड-19 के पहले चरण में गांवों में कोई प्रभाव नहीं था। लेकिन इस बार यह गांवों तक फैला है। यह न केवल शहरी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है बल्कि राज्यों के स्तर पर लगाये गये ‘लॉकडाउन’ की वजह से शोरूम और सहयोगी भागीदारों की दुकानें भी बंद हैं। निश्चित रूप से इसका सभी पर गंभीर प्रभाव होगा।’’

उनसे यह पूछा गया था कि महामारी की दूसरी लहर का ट्रैक्टर बिक्री पर क्या असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अल्पकाल में इसका असर होगा। पहली तिमाही में इसका प्रभाव निश्चित रूप से पड़ेगा। लेकिन दूसरी छमाही में पिछले साल की तरह मांग आनी चाहिए। लॉकडाउन के कारण जिस मांग पर असर पड़ा था, वह दूसरी छमाही में बाहर आयी थी।’’

मदन ने कहा, ‘‘बुवाई का काम अभी शुरू नहीं हुआ है और इस बार यह इतना अच्छा रहने की संभावना नहीं है...लेकिन मुझे लगता है कि दूसरी छमाही में स्थिति बेहतर होगी।’’

फेडरशेन ऑफ ऑटोबामेबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के अनुसार 2020-21 में ट्रैक्टर पंजीकरण 16.11 प्रतिशत बढ़कर 6,44,779 इकाई रही जो 2019-20 में 5,55,315 इकाई थी।

मदन ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर स्थिति अब भी सकारात्मक दिख रही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अभी बदली नहीं है। धारणा अच्छी बनी हुई है। सवाल यह है कि हम कितनी जल्दी इस संकट से पार पाते हैं, टीकाकरण कितनी तेजी से होता है और लोग राहत में आते हैं...।’’

निर्यात के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘आज हम हर महीने 500 से ज्यादा ट्रैक्टर का निर्यात कर रहे हैं। इसीलएि इस साल हम 6,000 से 7,000 इकाइयों के निर्यात की उम्मीद कर रहे हैं जो पिछले साल 4,000 से 4,500 इकाई थी।’’

मदन ने कहा कि कंपनी निर्यात पर ध्यान देना जारी रखेगी। ‘‘यह ऐसा क्षेत्र है, जहां हम साल-दर-साल सुधार लाएंगे। इस साल ज्यादातर निर्यात यूरोपीय बाजार को हो रहा है....।’’

उन्होंने कहा कि एस्कॉर्ट्स लि. अपने संयुक्त उद्यम भागीदार कुबोता के साथ वैश्विक बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।

मदन ने कहा, ‘‘हमने कुबोता के साथ....यूरोपीय बाजारों में निर्यात शुरू किया है। उरनकी दक्षिण पूर्व एशियाई बाजार...थाईलैंड, वियतनाम, म्यांमा...में ले जाने की योजना है। कंपनी ब्राजील जैसे देशों में भी निर्यात पर ध्यान देगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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