लाइव न्यूज़ :

श्रम मंत्रालय ने ईडीएलआई योजना के तहत अधिकतम बीमा राशि बढ़ाकर 7 लाख रुपये की

By भाषा | Updated: April 29, 2021 20:48 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 29 अप्रैल श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के न्यासी बोर्ड ने कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना, (ईडीएलआई) 1976 के तहत दी जाने वाली अधिकतम बीमा राशि 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी है।

श्रम मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता वाला ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने नौ सितंबर, 2020 को डिजिटल तरीके से आयोजित बैठक में ईडीएलआई योजना के तहत अधिकतम बीमा राशि बढ़ाकर 7 लाख रुपये करने का निर्णय किया था।

सीबीटी ने 14 फरवरी, 2020 के बाद न्यूनतम बीमा राशि 2.5 लाख रुपये बरकरार रखने का भी निर्णय किया था।

गंगवार ने पीटीआई-भाषा से कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बुधवार (28 अप्रैल) को ईडीएलआई योजना के तहत अधिकतम बीमा राशि बढ़ाकर 7 लाख रुपये करने के फैसले को लागू करने के लिये अधिसूचना जारी कर दी।

श्रम सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि अधिकतम बीमा राशि अधिसूचना की तारीख से लागू होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम बीमा राशि 2.5 लाख रुपये पूर्व की तिथि 15 फरवरी, 2020 से लागू होगी।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 15 फरवरी, 2018 को एक अधिसूचना के जरिये ईडीएलआई के तहत न्यूनतम बीमा राशि बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया था। यह वृद्धि दो साल के लिये की गयी थी। इसकी अवधि 15 फरवरी, 2020 को समाप्त हो गयी।

इसीलिए, उक्त लाभ को 15 फरवरी से आगे जारी रखने और पूर्व की तिथि से प्रभाव में रखने के लिये संशोधन को फिर से अधिसूचित किया गया है। मंत्रालय के अनुसार इससे किसी व्यक्ति का हित प्रभावित नहीं होगा।

सीबीटी ने अधिकतम बीमा राशि 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये करने के लिये सितंबर 2020 में ईडीएलआई, 1976 के पैराग्राफ 22 (3) में संशोधन को मंजूरी दी थी।

इस संशोधन का मकसद योजना से जुड़े उन सदस्यों के परिवार और आश्रितों को राहत प्रदान करना है जिनका सेवा में रहते दुर्भाग्यपूर्ण निधन हो जाता है।

सीबीटी की मार्च 2020 में हुई बैठक में ईपीएफओ न्यासियों ने न्यूनतम 2.5 लाख रुपये का निश्चित लाभ उस मृतक कर्मचारी के परिवार के सदस्यों को देने की सिफारिश की, जिनका निधन सेवा के दौरान हो जाता है।

पूर्व में यह व्यवस्था थी कि न्यूनतम 2.5 लाख रुपये और अधिकतम 6 लाख रुपये की बीमा राशि उस स्थिति में नहीं मिलेगी जहां सदस्य ने मृत्यु वाले महीने के पहले 12 महीने की अवधि में एक से अधिक प्रतिष्ठान में काम किया है।

बोर्ड की मार्च 2020 में 226वीं बैठक में सदस्य के कई प्रतिष्ठानों में काम करने की स्थिति में ये ये लाभ देने को मंजूरी दी गयी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटकैच छोड़े तो मैच हारे?, दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने कहा- बेहद घटिया क्षेत्ररक्षण

पूजा पाठPanchang 12 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

कारोबारBaisakhi 2026: ट्रेडिशनल से मॉडर्न तक..., इस बैसाखी अपने लुक में लगाएं स्टाइल का तड़का, क्रिएट करें ये पंजाबी लुक

पूजा पाठRashifal 12 April 2026: आज इन 4 राशिवालों के लिए खुलेंगे धन मार्ग, संपत्ति में इजाफा, बैंक बैलेंस बढ़ने की उम्मीद

कारोबारPAN New Forms 2026: पुराने फॉर्म हुए रिटायर, नए वित्तीय वर्ष में ऐसे करें पैन के लिए अप्लाई

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारUnnat Krishi Mahotsav: प्रति क्विंटल 40 रुपए का बोनस, 2625 रुपए गेहूं खरीदारी?, रक्षा मंत्री सिंह ने कहा- लगन के साथ प्रदेश को आगे बढ़ा रहे सीएम यादव 

कारोबारमुंबई से चलेगी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन?, रेल मंत्रालय ने दी मंजूरी, देखिए रूट, फेयर और टाइमिंग?

कारोबारDA Hike 2026: हजारों TGSRTC कर्मचारी को फायदा, महंगाई भत्ते में 2.1% की वृद्धि, 1 जनवरी 2026 से लागू?

कारोबारनौकरी नहीं शादी नहीं?, बेरोजगारी और पैसे के कारण टल रही हैं शादियां, 30-40 लाख औसतन हो रहे खर्च, देखिए युवा क्या बोले?

कारोबारPetrol-Diesel Price Today: क्या आज महंगे हुए पेट्रोल-डीजल? प्रमुख शहरों की रेट लिस्ट यहाँ देखें